Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में लव जिहाद और पहचान छिपाकर शोषण करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक 19 साल की छात्रा ने अब्दुल अजीज पठान नामक युवक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा का कहना है कि आरोपी ने खुद को ‘राहुल’ बताकर दोस्ती की और फिर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया। मामले का खुलासा तब हुआ जब आरोपी ने अपनी असली पहचान जाहिर की और छात्रा पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया।
असली पहचान छिपाकर बनाया शारीरिक संबंध
पीड़िता के अनुसार करीब एक साल पहले उसकी मुलाकात आरोपित से हुई थी। उस समय आरोपित ने खुद को हिंदू बताकर उसका भरोसा जीता। जून 2025 में वह छात्रा को अपने घर ले गया और वहां अकेला पाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब छात्रा ने शादी का दबाव बनाया तो आरोपित ने स्वीकार किया कि वह अब्दुल अजीज पठान है। इसके बाद उसने शादी के लिए इस्लाम अपनाने की शर्त रख दी। मना करने पर उसने छात्रा को डराना और धमकाना शुरू कर दिया।
वीडियो वायरल करने की धमकी और बुर्का पहनने का दबाव
आरोपित अब्दुल अजीज पठान पर छात्रा ने ब्लैकमेलिंग के भी गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि आरोपित ने उसके कुछ आपत्तिजनक वीडियो बना लिए थे। इन्हीं वीडियो के आधार पर वह छात्रा को चुप रहने और शारीरिक शोषण सहने के लिए मजबूर करता था। छात्रा ने यह भी बताया कि उसे जबरन बुर्का पहनने और कलमा पढ़ने के लिए विवश किया गया। आरोपित उसे नशीले पदार्थ देता था ताकि वह विरोध न कर सके और उसकी मांगों को मानती रहे।
गर्भपात और ब्लैकमेलिंग का दर्दनाक खुलासा
छात्रा ने अपनी शिकायत में बताया कि वह इस शोषण के दौरान गर्भवती हो गई थी। आरोपित ने उसे धोखे से गर्भपात की दवाइयां खिला दीं ताकि राज बाहर न आ सके। इन हालातों से परेशान होकर छात्रा इंदौर छोड़कर अपने गृह जनपद छिंदवाड़ा चली गई। वहां उसने हिम्मत जुटाकर अपने माता-पिता को पूरी सच्चाई बताई। परिजनों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से छात्रा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। छात्रा के पास मौजूद सबूतों को पुलिस अब अपनी जांच का मुख्य आधार बना रही है।
पुलिस की कार्रवाई और आरोपित की गिरफ्तारी
इंदौर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपित अब्दुल अजीज पठान को हिरासत में ले लिया है और उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है। आरोपित के खिलाफ दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे सभी डिजिटल सबूतों और तस्वीरों की जांच कर रहे हैं। पुलिस इस मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पीड़िता के बयान दर्ज कर रही है।
