जबलपुर में बच्चों की पैरासिटामोल दवा जांच में फेल, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट: कहीं आपके घर में तो नहीं यह सिरप?

Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले से बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर एक चिंताजनक खबर सामने आई है। सरकारी अस्पतालों और क्लीनिकों में मुफ्त बांटी जाने वाली पैरासिटामोल पीडियाट्रिक ओरल सस्पेंशन (125 mg/5ml) का एक खास बैच गुणवत्ता जांच में पूरी तरह विफल रहा है। भोपाल स्थित सरकारी ड्रग टेस्टिंग लेबोरेटरी ने अपनी ताजा रिपोर्ट में इस दवा को अमानक (Substandard) घोषित किया है। इस रिपोर्ट के आने के तुरंत बाद ही स्वास्थ्य विभाग ने पूरे जिले में दवा के उपयोग पर रोक लगा दी है।

डेढ़ साल की देरी ने बढ़ाई अभिभावकों की चिंता

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू जांच रिपोर्ट आने में हुआ विलंब है। स्वास्थ्य विभाग ने इस दवा का सैंपल नवंबर 2024 में जांच के लिए लैब भेजा था। नियमानुसार यह रिपोर्ट जल्द आनी चाहिए थी, लेकिन प्रशासन को यह अप्रैल 2026 में प्राप्त हुई है। इस अठारह महीने की लंबी अवधि के दौरान हजारों बच्चों को यह दवा दी जा चुकी होगी। विभाग अब रिकॉर्ड खंगाल रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस बैच की कितनी बोतलें वितरित हुई हैं।

इंदौर की जेनिथ ड्रग्स लिमिटेड ने बनाई थी यह दवा

गुणवत्ता मानकों पर खरी न उतरने वाली इस सिरप का निर्माण इंदौर की कंपनी मेसर्स जेनिथ ड्रग्स लिमिटेड ने किया था। रिपोर्ट के अनुसार, यह दवा बैच नंबर 41507 की है, जिसका निर्माण नवंबर 2024 में किया गया था। इस बैच की एक्सपायरी डेट अक्टूबर 2026 तय की गई थी। जबलपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. नवीन कोठारी ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे इस स्टॉक को तत्काल प्रभाव से वापस जमा करवाएं।

जानिए आखिर क्यों फेल हुई बच्चों की यह सिरप

डॉ. नवीन कोठारी ने मीडिया को जानकारी दी कि दवा के अमानक पाए जाने का मुख्य कारण इसमें ‘पार्टिकल्स’ या कणों का पाया जाना है। तकनीकी भाषा में इसे भौतिक मानकों का उल्लंघन माना जाता है। इसे आप इस तरह समझ सकते हैं जैसे किसी गाढ़े घोल या चाशनी में चीनी के थक्के जम जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भंडारण के दौरान तापमान में बदलाव या निर्माण प्रक्रिया में तकनीकी खामी की वजह से दवा के घोल में ऐसे ठोस कण बन सकते हैं।

राहत की बात: दवा में कोई जहरीला तत्व नहीं

जांच रिपोर्ट में एक राहत भरी खबर यह भी है कि दवा की मुख्य क्षमता (Potency) बरकरार है। लैब परीक्षण में इसमें किसी भी तरह के जहरीले तत्व या जानलेवा रसायनों की मौजूदगी नहीं मिली है। यह दवा केवल फिजिकल पैरामीटर्स पर फेल हुई है, जिसका मतलब है कि यह मानक घोल जैसा नहीं रह गया था। फिर भी सुरक्षा के लिहाज से इसे बच्चों के लिए अनुपयुक्त माना गया है। विभाग ने भविष्य में दवाओं की सैंपलिंग और रिपोर्टिंग प्रक्रिया को तेज करने का आश्वासन दिया है।

सावधान रहें और बैच नंबर 41507 का न करें उपयोग

स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता, विशेषकर अभिभावकों से विशेष अपील की है। यदि आपने हाल ही में किसी सरकारी अस्पताल से बच्चों के लिए पैरासिटामोल सिरप ली है, तो उसकी बोतल पर अंकित बैच नंबर जरूर जांचें। अगर वह बैच नंबर 41507 है, तो उसका सेवन बच्चे को बिल्कुल न कराएं। ऐसी स्थिति में दवा को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में वापस कर दें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह एक एहतियाती कदम है और किसी भी तरह की घबराहट की जरूरत नहीं है।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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