Himachal News: हिमाचल प्रदेश के शहरी विकास को आधुनिक बनाने की दिशा में सुक्खू सरकार ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। नई दिल्ली में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने राज्य की मांगों को मजबूती से रखा। इस महत्वपूर्ण चर्चा के बाद केंद्र सरकार ने अर्बन चैलेंज फंड (UCF) के तहत प्रदेश के लिए करीब 1200 करोड़ रुपये की दूरगामी परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इस फंड का उपयोग राज्य के प्रमुख शहरों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और स्मार्ट सुविधाएं विकसित करने के लिए किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ हुई विशेष नीति पर चर्चा
बैठक के दौरान विक्रमादित्य सिंह ने केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर को हिमाचल की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों से अवगत कराया। उन्होंने तर्क दिया कि पहाड़ी राज्यों की जरूरतें मैदानी इलाकों से पूरी तरह अलग होती हैं। इसलिए हिमाचल के लिए विशेष फंडिंग पैटर्न और लचीली नीतियों की आवश्यकता है। उन्होंने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर ‘देवभूमि’ के शहरों को सुरक्षित और टिकाऊ बनाने का संकल्प दोहराया। केंद्र ने भी पहाड़ी क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधानों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए सहयोग का भरोसा दिया है।
सिर्फ आबादी नहीं बल्कि पर्यटकों की संख्या के आधार पर मांगा बजट
हिमाचल सरकार ने केंद्र के समक्ष एक महत्वपूर्ण और तार्किक मांग रखी है। राज्य का कहना है कि बजट आवंटन केवल स्थायी आबादी के आधार पर नहीं होना चाहिए। हिमाचल में करीब 9 लाख स्थानीय निवासियों के साथ हर साल लगभग 1.45 करोड़ पर्यटक आते हैं। इसे ‘कार्यात्मक जनसंख्या’ मानकर ही वित्तीय मदद तय की जानी चाहिए। पर्यटन के इस भारी दबाव के कारण शहरों की सुविधाओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। विक्रमादित्य सिंह ने स्पष्ट किया कि पर्यटकों को सुविधाएं देने के लिए अधिक संसाधनों की जरूरत है।
शिमला की भीड़ होगी कम और कांगड़ा-बद्दी में बसेंगे नए स्मार्ट टाउनशिप
प्रस्तावित 1200 करोड़ रुपये की योजनाओं में कई बड़े प्रोजेक्ट्स शामिल किए गए हैं। राजधानी शिमला में यातायात की भीड़ कम करने के लिए स्मार्ट मोबिलिटी सिस्टम और आधुनिक मल्टी-लेवल पार्किंग का निर्माण होगा। इसके साथ ही कांगड़ा और बद्दी जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में नई स्मार्ट टाउनशिप विकसित करने की योजना है। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन बनाना है। सरकार पहाड़ी सुंदरता को बचाते हुए नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं प्रदान करना चाहती है ताकि शहरों का दीर्घकालिक विकास हो सके।
क्या है अर्बन चैलेंज फंड और कैसे बदलेगी शहरों की तस्वीर
अर्बन चैलेंज फंड केंद्र सरकार की एक नवाचार आधारित पहल है, जो शहरों के प्रतिस्पर्धात्मक विकास पर केंद्रित है। इसके तहत राज्यों को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स, आधारभूत ढांचे और बेहतर मोबिलिटी के लिए फंड दिया जाता है। हिमाचल के संदर्भ में इस फंड का बड़ा हिस्सा ‘डिजास्टर रेजिलिएंट’ इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने पर खर्च होगा। इसमें भूस्खलन और अचानक आने वाली बाढ़ से निपटने के लिए सुरक्षित सड़क निर्माण और मजबूत जल निकासी तंत्र विकसित किया जाएगा। यह आपदा प्रबंधन सिस्टम भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित शहरी मॉडल तैयार करेगा।
