Himachal News: हिमाचल प्रदेश में मौसम के दो चरम रूप एक साथ देखने को मिल रहे हैं। शनिवार को जहां राज्य की ऊंची चोटियों पर हल्की बारिश ने ठंडक घोली, वहीं मैदानी जिलों में भीषण गर्मी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। ऊना में पारा 42 डिग्री के पार पहुंच चुका है, जबकि जनजातीय क्षेत्रों में बादलों के कारण तापमान गिरा है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में मैदानी इलाकों के लिए लू और पहाड़ों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है।
ऊना में गर्मी का तांडव और शिमला में सामान्य से अधिक तापमान
प्रदेश के निचले हिस्सों में सूर्य के तीखे तेवर लोगों को बुरी तरह झुलसा रहे हैं। शनिवार को ऊना 42.2 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म जिला रिकॉर्ड किया गया। अन्य शहरों में भी गर्मी का प्रकोप चरम पर रहा, जिसमें कांगड़ा 36.1 और मंडी में पारा 35.1 डिग्री दर्ज हुआ। राजधानी शिमला में भी गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ा और अधिकतम तापमान सामान्य से 4.9 डिग्री अधिक यानी 27.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
जनजातीय क्षेत्रों में बारिश से राहत और कल्पा का सुहावना मौसम
मैदानी इलाकों की तपिश के विपरीत हिमाचल के ऊंचाई वाले जनजातीय क्षेत्रों में मौसम मेहरबान रहा। शनिवार को कल्पा में 0.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे वहां के तापमान में अच्छी गिरावट देखी गई है। ताबो का अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सैलानियों के लिए राहत भरा है। हालांकि, मौसम केंद्र ने चेतावनी दी है कि यह राहत केवल ऊंचाई तक सीमित है और मैदानी जिलों को अभी और गर्मी झेलनी पड़ेगी।
चार जिलों में भीषण लू का यैलो अलर्ट और आंधी-तूफान की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश के चार जिलों के लिए भीषण हीट वेव यानी लू का यैलो अलर्ट जारी किया है। रविवार को ऊना, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी के निचले क्षेत्रों में तेज गर्म हवाएं चलने की आशंका है। इसके साथ ही विभाग ने कुछ हिस्सों में आसमानी बिजली गिरने और आंधी-तूफान की संभावना भी जताई है। लोगों को दोपहर के समय घरों के भीतर रहने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह जारी की गई है।
पश्चिमी विक्षोभ बनेगा संकटमोचक: 28 अप्रैल से झमाझम बारिश के आसार
गर्मी से बेहाल हिमाचलवासियों के लिए राहत की खबर 28 अप्रैल से आने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है, जिससे 28 और 29 अप्रैल को मौसम का मिजाज बदलेगा। शिमला, चम्बा और कुल्लू जैसे मध्य व उच्च पहाड़ी जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने का अनुमान है। इस बदलाव से अधिकतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आएगी, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।
