Himachal News: हिमाचल प्रदेश में नगर निकाय चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। जिला प्रशासन ने चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। एडीसी विनय कुमार ने बताया कि शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए जिला स्तरीय कंट्रोल रूम की व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। प्रशासन का लक्ष्य चुनावी प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना है। इसके लिए नई संपर्क व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
शिकायतों के लिए वैकल्पिक हेल्पलाइन नंबर सक्रिय
प्रशासन ने आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़ी शिकायतों के लिए अब एक नया वैकल्पिक टेलीफोन नंबर 01892-223322 जारी किया है। एडीसी के अनुसार यह नंबर कक्ष संख्या 718 में स्थापित कंट्रोल रूम में क्रियाशील रहेगा। इस नई व्यवस्था से आम नागरिक किसी भी गड़बड़ी की सूचना सीधे अधिकारियों तक पहुंचा सकेंगे। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि प्राप्त शिकायतों पर बिना किसी देरी के प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
त्वरित कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन की विशेष टीम
निकाय चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए कंट्रोल रूम को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। सूचना मिलते ही संबंधित क्षेत्र की फ्लाइंग स्क्वाड टीम को मौके पर भेजा जाएगा। एडीसी विनय कुमार ने स्पष्ट किया कि प्रशासन किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं करेगा। चुनावी शुचिता को बनाए रखने के लिए चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर पैनी नजर रखें।
निष्पक्ष चुनाव के लिए जनभागीदारी पर जोर
जिला प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे लोकतंत्र के इस पर्व को सफल बनाने में अपना पूर्ण सहयोग दें। यदि कहीं भी आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन होता दिखे, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर सूचित करें। प्रशासन का मानना है कि सजग नागरिकों की मदद से ही चुनाव में धन और बाहुबल के प्रभाव को रोका जा सकता है। कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारी हर शिकायत का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखेंगे ताकि जवाबदेही तय की जा सके।
कंट्रोल रूम की व्यवस्था में आंशिक संशोधन
चुनाव विभाग ने पहले से मौजूद कंट्रोल रूम की व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के बाद यह आंशिक संशोधन किया है। इससे पहले की तुलना में अब संवाद व्यवस्था अधिक सरल और तेज हो गई है। अभ्यर्थी और राजनीतिक दल भी इस नंबर का उपयोग चुनाव संबंधी नियमों की जानकारी लेने के लिए कर सकते हैं। जिला प्रशासन ने सभी खंड विकास अधिकारियों और रिटर्निंग अफसरों को भी इस नए नंबर के बारे में सूचित कर दिया है ताकि समन्वय बना रहे।


