Mumbai News: भारतीय शेयर बाजार में पिछले चार दिनों से जारी गिरावट का दौर आखिरकार बुधवार को थम गया। वैश्विक अस्थिरता और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच दलाल स्ट्रीट पर खरीदारों ने वापसी की। मामूली बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स और निफ्टी ने निवेशकों को थोड़ी राहत जरूर दी है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव अब भी एक बड़ी चुनौती है। आज के कारोबारी सत्र में बाजार की दिशा अंतरराष्ट्रीय संकेतों और दिग्गज कंपनियों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगी।
सेंसेक्स और निफ्टी में मामूली सुधार, निवेशकों की बढ़ी उम्मीदें
बुधवार के कारोबारी सत्र में बीएसई सेंसेक्स 49.74 अंक यानी 0.07 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,608.98 के स्तर पर बंद हुआ। दूसरी ओर, एनएसई निफ्टी भी 33.05 अंक या 0.14 प्रतिशत की मजबूती दिखाते हुए 23,412.60 के आंकड़े पर पहुंच गया। बाजार में यह सुधार बेहद सीमित रहा क्योंकि ऊंचे कच्चे तेल के दामों ने बड़ी छलांग लगाने से रोक दिया। ट्रेडर्स अब गुरुवार के सत्र के लिए अपनी रणनीतियां तैयार कर रहे हैं, जहां सावधानी बरतना काफी जरूरी होगा।
भारती एयरटेल और केन्स टेक्नोलॉजी ने मारी बाजी
पिछले कारोबारी दिन कुछ चुनिंदा शेयरों ने बाजार को संभालने में बड़ी भूमिका निभाई। केन्स टेक्नोलॉजी के शेयर में ₹132.70 की जबरदस्त उछाल देखी गई, जिसने निवेशकों को मालामाल कर दिया। वहीं, टेलीकॉम दिग्गज भारती एयरटेल के शेयर में ₹24.40 की तेजी दर्ज की गई। फार्मा सेक्टर की दिग्गज जायडस लाइफसाइंसेज भी ₹9.35 की बढ़त के साथ हरे निशान में बंद होने में सफल रही। इन शेयरों के प्रति आज भी बाजार में सकारात्मक रुझान देखने को मिल सकता है।
टाटा मोटर्स पर बढ़ा दबाव, क्या आज होगी रिकवरी?
बाजार में तेजी के बीच टाटा मोटर्स के शेयर ने निवेशकों को थोड़ा निराश किया। बुधवार को यह स्टॉक ₹2.35 की गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ। ऑटोमोबाइल सेक्टर में इस बिकवाली के दबाव ने ट्रेडर्स के बीच चिंता पैदा कर दी है। आज सुबह के सत्र में सबकी नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि क्या टाटा मोटर्स अपने सपोर्ट लेवल को बचा पाता है या इसमें और गिरावट आती है। इसके अलावा एनएलसी इंडिया और बालाजी एमाइंस जैसे मिडकैप शेयरों पर भी निवेशकों की पैनी नजर रहेगी।
वैश्विक अनिश्चितता और कच्चे तेल का बना रहेगा साया
बाजार के जानकारों का कहना है कि वर्तमान में निवेशकों का रुख ‘वेट एंड वॉच’ वाला है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव की वजह से विदेशी संस्थागत निवेशक भी फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। कच्चे तेल की अस्थिर कीमतें भारत जैसे आयात पर निर्भर देश के लिए हमेशा चिंता का विषय रहती हैं। यदि वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलते हैं, तो भारतीय बाजार अपनी बढ़त को और मजबूत कर सकता है। निवेशकों को सलाह है कि वे आज टाटा पावर और वोडाफोन आइडिया जैसे शेयरों के अपडेट्स पर नजर बनाए रखें।

