Maharashtra News: महाराष्ट्र पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने स्वयंभू धर्मगुरु अशोक खरात के खिलाफ दर्ज 17 मामलों में से दो में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल कर दिया है। एसआईटी अधिकारियों के अनुसार, इन दोनों ही मामलों में खरात पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपित ‘दैवीय शक्तियों’ का झूठा दावा कर और पीड़ितों के परिजनों को जान से मारने की धमकी देकर उनका शोषण करता था।
जादू-टोने और अंधविश्वास का सहारा लेकर किया शोषण
एसआईटी की जांच में यह तथ्य उजागर हुआ है कि अशोक खरात ईशानेश्वर मंदिर परिसर में अंधेरे का लाभ उठाकर जादू-टोने का खेल रचता था। वह पीड़ितों के मन में अपनी अलौकिक शक्तियों का झूठा विश्वास जगाने के लिए कंकड़ और रुद्राक्ष जैसी वस्तुओं का इस्तेमाल करता था। धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करते हुए आरोपित ने कई लोगों से बड़ी रकम भी ऐंठी है। पुलिस ने खरात के खिलाफ पहली एफआईआर 17 मार्च को दर्ज की थी।
ईडी की रडार पर आईं राकांपा नेता रुपाली चाकणकर
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। ईडी ने बुधवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की नेता रुपाली चाकणकर को अशोक खरात उर्फ ‘भोंदू बाबा’ से जुड़े कथित दुष्कर्म मामले में समन जारी किया है। एजेंसी ने उन्हें इस सप्ताह के अंत तक पूछताछ के लिए पेश होने का निर्देश दिया है। गौरतलब है कि इससे पहले ईडी ने इसी मामले की जांच के दौरान रुपाली चाकणकर की बहन से भी पूछताछ की थी।
खरात का करीबी सहयोगी नामकर्न अवेयर गिरफ्तार
नासिक पुलिस ने वित्तीय अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में अशोक खरात के करीबी सहयोगी नामकर्न अवेयर को गिरफ्तार किया है। अवेयर एक सहकारी औद्योगिक संपदा का अध्यक्ष है और खरात के शिवानिका ट्रस्ट का पूर्व सचिव रह चुका है। यह ट्रस्ट नासिक के सिन्नर तालुका स्थित ईशान्येश्वर मंदिर का प्रशासन संभालता था। उधर, एसआईटी की साइबर टीम ने महाराष्ट्र साइबर विभाग के सहयोग से इस मामले से संबंधित 13,175 आपत्तिजनक वीडियो लिंक भी हटा दिए हैं।


