Uttar Pradesh News: मल्टीबैगर रिटर्न देने वाली दिग्गज वाटर टेक्नोलॉजी कंपनी ‘वीए टेक वाबैग’ (VA Tech WABAG) एक बार फिर निवेशकों के बीच चर्चा का केंद्र बन गई है। कंपनी ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में अपने पहले महत्वाकांक्षी Bio-CNG प्रोजेक्ट की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस खबर के बाद बुधवार को कंपनी के शेयर में तेजी देखी गई और यह 1,377.90 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। उल्लेखनीय है कि इस कंपनी में मशहूर निवेशक रेखा झुनझुनवाला की भी बड़ी हिस्सेदारी है।
गाजियाबाद में वेस्ट-टू-एनर्जी के तहत बनेगा भव्य प्लांट
VA Tech WABAG और PEAK Sustainability Ventures ने हाथ मिलाकर गाजियाबाद में इस पहले Bio-CNG प्लांट को विकसित करने का निर्णय लिया है। यह कदम जनवरी 2024 में शुरू की गई ‘वेस्ट-टू-एनर्जी’ (Waste-to-Energy) पहल का हिस्सा है। दोनों कंपनियों का लक्ष्य केवल भारत तक सीमित नहीं है। वे विभिन्न बाजारों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) पर आधारित लगभग 100 Bio-CNG प्लांट स्थापित करने की योजना पर काम कर रही हैं। इससे पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा उत्पादन दोनों संभव होंगे।
BOT मॉडल के तहत 15 साल तक रहेगा वाबैग का कब्जा
यह नया प्रोजेक्ट गाजियाबाद के दुंडाहेड़ा इलाके में स्थित 70 MLD क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पर तैयार किया जाएगा। इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत ‘बिल्ड-ओपरेट-ट्रांसफर’ (BOT) आधार पर विकसित किया जाना है। इसके लिए ‘गाजियाबाद बायोएनर्जी प्राइवेट लिमिटेड’ नाम से एक विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) कंपनी का गठन भी हो चुका है। वाबैग अगले 15 वर्षों तक इस प्लांट के संचालन और रखरखाव (O&M) की पूरी जिम्मेदारी संभालेगी।
रेखा झुनझुनवाला की हिस्सेदारी और कंपनी का ट्रैक रिकॉर्ड
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2026 की तिमाही तक रेखा झुनझुनवाला की इस कंपनी में 8.02 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। बीते पांच वर्षों में इस शेयर ने अपने निवेशकों को 400 प्रतिशत से अधिक का बंपर रिटर्न दिया है। कंपनी मुख्य रूप से वाटर ट्रीटमेंट, डीसेलिनेशन और सीवेज ट्रीटमेंट जैसे जटिल कार्यों में माहिर है। भारत के अलावा मिडिल ईस्ट और अफ्रीका जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी वाबैग की इंजीनियरिंग और डिजाइनिंग क्षमता का लोहा माना जाता है।
ग्रीन एनर्जी और रेवेन्यू जनरेशन की दिशा में बड़ा कदम
WABAG इंडिया क्लस्टर के सीईओ शैलेश कुमार ने इस प्रोजेक्ट को मील का पत्थर बताया है। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद नगर निगम से मिला यह रिपीट ऑर्डर कंपनी की कार्यक्षमता और उत्कृष्टता का प्रमाण है। प्रबंधन के अनुसार, गंदे पानी (Wastewater) को स्वच्छ ऊर्जा और राजस्व में बदलना भविष्य की जरूरतों के लिए अनिवार्य है। पीक सस्टेनेबिलिटी वेंचर्स इस प्रोजेक्ट में तकनीकी सहायता प्रदान करेगी और जलवायु-केंद्रित निवेशकों (Climate-Focused Investors) के माध्यम से जरूरी फंड जुटाने में भी मदद करेगी।

