Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों के बीच मंडी जिले के बल्ह क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के भीतर गुटबाजी चरम पर पहुंच गई है। टिकट वितरण को लेकर उपजा असंतोष अब सड़कों पर दिखाई दे रहा है, जिससे पार्टी की अंदरूनी कलह उजागर हो गई है। कार्यकर्ताओं का मुख्य आक्रोश स्थानीय विधायक इंद्र सिंह गांधी की कार्यप्रणाली और दूसरे दलों से आए नेताओं को दी जा रही तरजीह को लेकर है।
कांग्रेस से आए नेताओं को प्राथमिकता देने पर भड़के कार्यकर्ता
बल्ह में विवाद की मुख्य वजह जिला परिषद के गोड़ागागल वार्ड से पंकज शर्मा को प्रत्याशी बनाना है। पंकज शर्मा कुछ समय पहले तक कांग्रेस में सक्रिय थे और 20 सूत्रीय कमेटी के सदस्य रहे थे। इस फैसले से समर्पित भाजपा कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। विरोध स्वरूप, पिछले चुनाव में पार्टी के सिंबल पर लड़ने वाले अनिल कुमार (डिंपल) ने अब निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान में उतरने का ऐलान कर दिया है।
निर्दलीय उम्मीदवारों ने बढ़ाई संगठन की चिंता
पार्टी के भीतर बगावत का आलम यह है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के समर्थक वीरेंद्र ठाकुर और कुलदीप नेगी ने भी निर्दलीय नामांकन दाखिल कर दिया है। नगर परिषद नेरचौक और नगर पंचायत रिवालसर में स्थिति इतनी नाजुक है कि पार्टी अब तक समर्थित उम्मीदवारों के नाम तय करने का साहस नहीं जुटा पाई है। लगभग हर वार्ड में भाजपा के ही दो से तीन कार्यकर्ता एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।
बैहल वार्ड में दावेदारों की फौज और जातिगत समीकरण
जिला परिषद के बैहल वार्ड में पूर्व मंडल अध्यक्ष संजय रावत को टिकट मिलते ही बगावत का झंडा बुलंद हो गया है। यहां भाजपा से जुड़े करीब 15 कार्यकर्ता निर्दलीय मैदान में डटे हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस ने रणनीति के तहत ब्लॉक अध्यक्ष पवन ठाकुर को मैदान में उतारा है, जिससे भाजपा की राह कठिन दिख रही है। इसके साथ ही, कार्यकर्ताओं में एक विशेष जाति को तरजीह देने और नगर निगम मंडी के दौहंदी वार्ड में कमजोर पकड़ को लेकर भी गहरी सुगबुगाहट है।


