Patna News: बिहार सरकार ने राज्य के बुजुर्गों के लिए एक बेहद शानदार योजना तैयार की है। अब अकेले रहने वाले और असहाय बुजुर्गों को घर बैठे ही पका हुआ ताजा भोजन मिलेगा। समाज कल्याण विभाग इस नई होम फूड डिलीवरी योजना का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य उन वृद्धजनों को राहत देना है, जो अपना खाना पकाने में असमर्थ हैं। सरकार का यह अहम कदम बुजुर्गों के दैनिक जीवन में एक बहुत बड़ा और सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा।
यह योजना अभी अपने शुरुआती चरण में है। अधिकारियों ने इसे सबसे पहले एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू करने का निर्णय लिया है। पटना और कुछ अन्य प्रमुख शहरों में इसकी शुरुआत की जाएगी। यहां से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर इसे पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। विभाग वर्तमान में उन इलाकों की पहचान कर रहा है, जहां अकेले रहने वाले बुजुर्गों की संख्या सबसे ज्यादा है। यह सर्वेक्षण जल्द पूरा होगा।
भोजन की गुणवत्ता और मेन्यू पर रहेगा विशेष ध्यान
बुजुर्गों के गिरते स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए भोजन की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया गया है। सरकारी एजेंसियों ने तय किया है कि खाना पूरी तरह से पौष्टिक और सुपाच्य होना चाहिए। इसके लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डाइटिशियन की मदद ली जा रही है। मेन्यू में कम तेल और कम मसाले वाला भोजन शामिल किया जाएगा। यह खाना सीधे रसोई से बुजुर्गों के घर तक गरम और ताजा पहुंचाया जाएगा।
इस विशेष सुविधा का लाभ उठाने के लिए एक आसान पंजीकरण प्रक्रिया तैयार की जा रही है। स्थानीय वार्ड पार्षदों और पंचायत प्रतिनिधियों को इस काम में शामिल किया जाएगा। वे अपने क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद वृद्धजनों की सूची बनाएंगे। इसके अलावा सरकार कुछ स्वयंसेवी संस्थाओं की भी मदद लेगी। एक विशेष हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जा सकता है। इस नंबर पर कॉल करके बुजुर्ग खुद भी अपना पंजीकरण करा सकेंगे।
समाज कल्याण विभाग की इस योजना के प्रमुख लाभ
बिहार सरकार की इस पहल से एक बड़े वर्ग को सीधा फायदा मिलेगा। इस योजना को बहुत ही सावधानीपूर्वक डिजाइन किया गया है। इसके कई बड़े फायदे सामने आएंगे। * बुजुर्गों को पौष्टिक भोजन नियमित रूप से मिलेगा। * खाना पकाने की परेशानी से हमेशा के लिए मुक्ति मिलेगी। * अकेले रहने वाले वृद्धजनों को बेहतर सुरक्षा का अहसास होगा। * डिलीवरी कर्मचारियों के जरिए स्वास्थ्य की निगरानी भी आसानी से होगी।


