Pakistan News: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपनी अर्थव्यवस्था पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने माना है कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर उनके देश पर पड़ा है। इस भारी तनाव के कारण पाकिस्तान का साप्ताहिक तेल बिल बढ़कर आठ सौ मिलियन डॉलर पहुंच गया है। युद्ध से पहले यह बिल केवल तीन सौ मिलियन डॉलर था। वैश्विक संकट ने पाकिस्तान की दो साल की मेहनत को पूरी तरह से बड़ा झटका दिया है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव से बढ़ा संकट
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष ने पूरी दुनिया को संकट में डाल दिया है। अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमले किए हैं। इस वजह से हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है। यह दुनिया का एक बहुत ही महत्वपूर्ण तेल मार्ग माना जाता है। इसी रुकावट के कारण विश्व स्तर पर ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आया है। इसका सीधा नुकसान पाकिस्तान जैसे विकासशील देशों को उठाना पड़ रहा है।
कैबिनेट बैठक में शहबाज शरीफ ने जताई चिंता
इस्लामाबाद में हुई कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने स्थिति की गंभीरता पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि देश में ईंधन की खपत पिछले हफ्तों के मुकाबले कम हुई है। सरकार इस पूरे हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। शरीफ ने प्रांतीय सरकारों के साथ मिलकर लोगों को राहत देने की बात कही है। इसके लिए ईंधन सब्सिडी को आगे बढ़ाने पर गहन विचार किया जा रहा है ताकि आम जनता पर महंगाई का ज्यादा बोझ न पड़े।
सऊदी अरब और यूएई ने दिया बड़ा सहारा
इस बड़े आर्थिक झटके के बावजूद पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार अब भी स्थिर बना हुआ है। शहबाज शरीफ ने इसके लिए मित्र देशों का आभार व्यक्त किया है। सऊदी अरब ने हाल ही में तीन बिलियन डॉलर की मदद दी है। इसके अलावा उसने अपनी पांच बिलियन डॉलर की मौजूदा सुविधा को भी बढ़ाया है। वहीं संयुक्त अरब अमीरात को पुराना कर्ज वापस करने के बाद भी पाकिस्तान का खजाना पूरी तरह से खाली होने से बच गया है।


