चारधाम यात्रा के नाम पर हैलीकॉप्टर बुकिंग और टूर पैकेज का झांसा, साइबर ठगों से बचने के लिए पुलिस का अलर्ट

Himachal News: चारधाम यात्रा के शुरू होते ही देश भर में हैलीकॉप्टर बुकिंग और टूर पैकेज के नाम पर साइबर धोखाधड़ी के मामले बढ़ गए हैं। साइबर अपराधी फर्जी वेबसाइटों और नकली व्हाट्सएप नंबरों के जरिए श्रद्धालुओं को अपना निशाना बना रहे हैं। प्रदेश पुलिस विभाग ने विभिन्न माध्यमों से लोगों को सचेत रहने की सलाह दी है। जालसाज अक्सर गूगल सर्च इंजन पर असली जैसी दिखने वाली फर्जी साइट्स बनाकर लोगों से भुगतान करवा लेते हैं।

फर्जी वेबसाइट और सर्च इंजन का खतरनाक जाल

श्रद्धालु अक्सर आधिकारिक बुकिंग प्लेटफॉर्म की जानकारी न होने पर सर्च इंजन पर निर्भर रहते हैं। इसी का फायदा उठाकर साइबर ठग फर्जी यूआरएल (URL) तैयार करते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति इन साइट्स पर हैलीकॉप्टर बुकिंग या पंजीकरण के लिए पैसे डालता है, वे सीधे ठगों के खातों में चले जाते हैं। पुलिस ने निर्देश दिए हैं कि किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी प्रमाणिकता की जांच अवश्य करें।

नकली व्हाट्सएप नंबरों से ट्रैवल एजेंट बनकर ठगी

ठगी का एक और तरीका नकली व्हाट्सएप नंबरों का उपयोग करना है। अपराधी खुद को अधिकृत एजेंट या ट्रैवल ऑपरेटर बताकर श्रद्धालुओं से संपर्क करते हैं। वे सीमित सीटों और विशेष छूट का लालच देकर लोगों पर जल्द भुगतान करने का दबाव बनाते हैं। एक बार पैसे ट्रांसफर होने के बाद ये ठग अपना नंबर बंद कर देते हैं। इससे पीड़ित के पास कोई विकल्प नहीं बचता और उनकी मेहनत की कमाई डूब जाती है।

सुरक्षित यात्रा के लिए अपनाएं ये जरूरी सावधानियां

  • हमेशा आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही हैलीकॉप्टर बुकिंग और पंजीकरण सुनिश्चित करें।
  • गूगल या सोशल मीडिया पर मिले किसी भी अनजान लिंक का उपयोग करने से बचें।
  • बुकिंग से जुड़ी जानकारी के लिए केवल सरकारी विज्ञापनों में दिए गए अधिकृत नंबरों पर भरोसा करें।
  • अत्यधिक सस्ते या आकर्षक ऑफर देने वाली संदिग्ध वेबसाइटों से दूरी बनाकर रखें।
  • किसी भी भुगतान अनुरोध को स्वीकार करने से पहले संबंधित विभाग से सत्यापन जरूर करें।

साइबर ठगी होने पर तत्काल सहायता और रिपोर्ट

यदि कोई व्यक्ति इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो उसे तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। पुलिस विभाग ने साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज करने को कहा है। इसके अलावा नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करना भी आवश्यक है। समय रहते दी गई सूचना से वित्तीय नुकसान को कम करने की संभावना बढ़ जाती है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि अज्ञात नंबरों पर अपनी बैंकिंग जानकारी साझा करना खतरनाक हो सकता है।

सत्यापन के बिना वित्तीय लेन-देन से बचें

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता ही ठगी से बचने का सबसे सशक्त हथियार है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे जल्दबाजी में कोई भी वित्तीय लेन-देन न करें। वेबसाइट के एड्रेस बार में ‘https’ और लॉक आइकन की जांच जरूर करें। पुलिस विभाग लगातार सोशल मीडिया के जरिए यात्रियों को जागरूक कर रहा है। चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुखद बनाने के लिए पुलिस के सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य है।

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