Delhi News: पश्चिम एशिया में जारी भीषण तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत सरकार ने रसोई गैस को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने अब देश में ‘एक घर, एक कनेक्शन’ (One household, one connection) के नियम को सख्ती से लागू कर दिया है। नए आदेश के मुताबिक, यदि किसी घर में एलपीजी (LPG) और पीएनजी (PNG) दोनों कनेक्शन पाए जाते हैं, तो वहां एलपीजी कनेक्शन तत्काल प्रभाव से काट दिया जाएगा। वैश्विक स्तर पर ईंधन की सप्लाई प्रभावित होने के कारण सरकार यह कड़ा रुख अपना रही है।
इजरायल-ईरान युद्ध का असर: आसमान पर पहुंची गैस की कीमतें
28 फरवरी 2026 को ईरान पर हुए इजरायली हमले के बाद ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ से जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है। इसका सीधा असर भारत की एलपीजी और कच्चे तेल की सप्लाई पर पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 114 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। भारत अपनी जरूरत की 60 फीसदी एलपीजी विदेशों से आयात करता है, जिसमें सऊदी अरब और यूएई की अहम भूमिका है। सप्लाई चेन टूटने के डर से अब सरकार गैस की बर्बादी रोकने में जुट गई है।
रडार पर आए दो गैस कनेक्शन वाले घर, सब्सिडी में होगी बचत
दिल्ली समेत कई बड़े शहरों में पेट्रोलियम मंत्रालय ने ऐसे घरों की पहचान शुरू कर दी है जो पीएनजी के साथ एलपीजी सिलेंडर का भी उपयोग कर रहे हैं। इस प्रतिबंध का मुख्य उद्देश्य सब्सिडी वाले सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकना और सीमित गैस सप्लाई को जरूरतमंदों तक पहुंचाना है। मंत्रालय ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत नियमों में बदलाव किए हैं। अब एक ही घर में दो अलग-अलग मोड से गैस कनेक्शन रखना पूरी तरह गैरकानूनी माना जाएगा।
तेल कंपनियों को निर्देश: रिफिल और नए कनेक्शन पर लगी रोक
सरकार ने सभी तेल कंपनियों और गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स को सख्त हिदायत दी है कि वे डबल कनेक्शन वाले घरों को नए सिलेंडर न दें। पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के अनुसार, एलपीजी और पीएनजी डिस्ट्रीब्यूटर्स के डेटा का मिलान किया जा रहा है। जिन उपभोक्ताओं के पास पहले से पाइप वाली गैस (PNG) मौजूद है, उन्हें अपना एलपीजी सिलेंडर सरेंडर करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान के लिए देशभर में डेटा स्कैनिंग का काम तेज कर दिया गया है।
अब तक 43 हजार उपभोक्ताओं ने सरेंडर किए अपने कनेक्शन
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 43,000 से अधिक ग्राहकों ने स्वेच्छा से अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं। हालांकि, अधिकारियों का मानना है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं ज्यादा है। चूंकि भारत अपनी 50 फीसदी नेचुरल गैस और 88 फीसदी क्रूड ऑयल के लिए आयात पर निर्भर है, इसलिए ग्लोबल झटकों से निपटने के लिए यह कदम अनिवार्य हो गया था। सरकार का लक्ष्य है कि पीएनजी वाले शहरी इलाकों में एलपीजी की निर्भरता पूरी तरह खत्म कर दी जाए।

