Delhi News: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की रोहिणी कोर्ट ने एक अहम और त्वरित फैसला सुनाया है। अदालत ने पांच साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले पड़ोसी को दोषी करार दिया है। इस गंभीर मामले में अदालत ने महज साढ़े पांच महीने के भीतर अपना निर्णय सुना दिया। दोषी को इसी सप्ताह सजा सुनाई जा सकती है। पीड़िता को पांच लाख रुपये की अंतरिम सहायता राशि भी दी गई है।
चॉकलेट दिलाने के बहाने की थी दरिंदगी
यह झकझोर देने वाली घटना पिछले साल 17 नवंबर को बाहरी दिल्ली में हुई थी। दोषी और पीड़िता का परिवार बिहार के एक ही गांव से ताल्लुक रखते हैं और पड़ोस में रहते थे। घटना वाले दिन दोषी मासूम को चॉकलेट दिलाने के बहाने अपने साथ ले गया था। इसके बाद उसने सुनसान जगह पर ले जाकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। वारदात के बाद वह खुद बच्ची को उसकी मां के पास छोड़ गया था।
साढ़े पांच महीने में ही कोर्ट ने ठहराया दोषी
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित सहरावत ने इस मामले की गहन सुनवाई की। अदालत ने 30 अप्रैल को आरोपी को अपहरण और गंभीर चोटों के साथ दुष्कर्म का दोषी ठहराया। उसे बीएनएस और पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई जाएगी। इस पूरे मामले में अभियोजन पक्ष ने कुल 41 गवाह पेश किए। पुलिस ने घटना के अगले ही दिन आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था और तेजी से चार्जशीट दाखिल की थी।
फोरेंसिक रिपोर्ट और सीसीटीवी से हुई पुष्टि
विशेष लोक अभियोजक आदित्य कुमार ने अदालत में मजबूत साक्ष्य पेश किए। उन्होंने बताया कि बच्ची को लगी चोटें खुद ही इस दरिंदगी की गवाही देती हैं। फोरेंसिक रिपोर्ट और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज ने आरोपी के खिलाफ अहम सबूत का काम किया। इसके अलावा पीड़िता और उसकी मां के बयानों ने भी दोषी को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सबूतों के आधार पर ही अदालत ने उसे दोषी माना।
दर्दनाक है बच्ची की मेडिकल स्थिति
सुनवाई के दौरान कोर्ट बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट देखकर स्तब्ध रह गई थी। न्यायाधीश ने कहा था कि बच्ची से हुई दरिंदगी का दर्द कल्पना से बिल्कुल परे है। अंदरूनी अंगों में गंभीर चोट आने के कारण मासूम को शौच के लिए नली लगानी पड़ी है। बच्ची 16 दिन तक अस्पताल में भर्ती रही थी। परिवार ने अदालत को बताया कि उसे पूरी तरह से ठीक होने में अभी एक साल से अधिक का समय लग सकता है।

