Tamil Nadu News: दक्षिण भारतीय राजनीति में एक नए युग का सूत्रपात होने जा रहा है। अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ (TVK) तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर विजय को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। बहुमत के आंकड़े से कुछ सीटें दूर रही TVK को अब कांग्रेस का साथ मिल गया है। इससे पहले कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पुष्टि की थी कि विजय ने खुद पार्टी से समर्थन मांगा था।
विजय की सरकार में कांग्रेस को मिल सकते हैं दो मंत्री पद
सचिवालय के गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस विजय की कैबिनेट में अपनी हिस्सेदारी चाहती है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस की नजर दो महत्वपूर्ण मंत्री पदों पर टिकी है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी गिरीश चोदनकर और वरिष्ठ नेता प्रवीण चक्रवर्ती इस समय TVK के शीर्ष नेतृत्व के साथ लगातार संपर्क में हैं। दोनों पार्टियों के बीच सत्ता में भागीदारी की शर्तों को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है। इस गठबंधन से तमिलनाडु में एक नए सियासी समीकरण का उदय हुआ है।
राहुल गांधी के शपथ ग्रहण में शामिल होने की बढ़ी संभावनाएं
राजनीतिक हलकों में यह खबर तेजी से फैल रही है कि राहुल गांधी विजय के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा ले सकते हैं। राहुल गांधी शुरू से ही TVK को समर्थन देने के पक्ष में बताए जा रहे थे। इस हाई-प्रोफाइल इवेंट में राहुल की मौजूदगी गठबंधन को नई मजबूती देगी। यदि वे समारोह में शामिल होते हैं, तो यह दक्षिण भारत में कांग्रेस की रणनीतिक सक्रियता का बड़ा संकेत होगा। फिलहाल सुरक्षा और प्रोटोकॉल के लिहाज से कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
खड़गे की सलाह पर तमिलनाडु इकाई ने लिया अंतिम फैसला
इस महत्वपूर्ण गठबंधन का फैसला केवल दिल्ली में बैठकर नहीं लिया गया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे चाहते थे कि राज्य की भावनाओं का सम्मान हो। उन्होंने सुझाव दिया कि समर्थन का अंतिम निर्णय तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (TNCC) को ही करना चाहिए। इसके बाद दिल्ली में हुए उच्च स्तरीय मंथन और राज्य के नेताओं की ऑनलाइन मीटिंग में सर्वसम्मति बनी। इसी बैठक के बाद TVK को औपचारिक समर्थन देने के लिए आधिकारिक पत्र भी जारी कर दिया गया है।
2026 की राजनीति के लिए ‘सेक्युलर’ गठबंधन हुआ तैयार
कांग्रेस और TVK का यह हाथ मिलाना तमिलनाडु की भविष्य की राजनीति की दिशा तय करेगा। राज्य की जनता एक स्थिर और धर्मनिरपेक्ष विकल्प की तलाश में थी, जिसे अब यह गठबंधन पूरा करने का दावा कर रहा है। विजय का जनाधार और कांग्रेस का अनुभव मिलकर राज्य में नई विकास योजनाओं को लागू करने का खाका तैयार कर रहे हैं। अब सबकी निगाहें राजभवन पर टिकी हैं, जहाँ जल्द ही नई सरकार के गठन की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू होगी।

