Delhi News: गर्मियों की छुट्टियां शुरू होते ही पहाड़ों की सैर का मन बनाने वाले सैलानियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब दिल्ली से श्रीनगर का सफर किसी महंगे सपने जैसा नहीं, बल्कि बेहद किफायती होने वाला है। भारतीय रेलवे ने वंदे भारत एक्सप्रेस के माध्यम से कश्मीर घाटी तक पहुंचने का सबसे सस्ता और शानदार रास्ता खोल दिया है। मात्र 1787 रुपये के खर्च में आप दिल्ली के शोर-शराबे से निकलकर श्रीनगर की बर्फीली वादियों में पहुंच सकते हैं।
वंदे भारत का नया रूट: जम्मू से श्रीनगर सिर्फ 5 घंटे में
रेल मंत्रालय ने हाल ही में जम्मू से श्रीनगर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा का विस्तार किया है। अब यात्री महज 4 घंटे 50 मिनट के भीतर जम्मू से श्रीनगर की दूरी तय कर सकेंगे। 30 अप्रैल से यह सेवा आम जनता के लिए शुरू हो चुकी है। इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जुलाई के पहले हफ्ते तक की सभी सीटें फुल हो चुकी हैं। यह ट्रेन न केवल समय बचाती है, बल्कि यात्रियों को आरामदायक सफर भी देती है।
कैसे बुक करें दिल्ली से श्रीनगर का सबसे सस्ता टिकट?
दिल्ली से सीधे श्रीनगर के लिए फिलहाल कोई डायरेक्ट ट्रेन नहीं है, लेकिन आप इसे दो हिस्सों में आसानी से पूरा कर सकते हैं। सबसे पहले आपको नई दिल्ली-जम्मू तवी वंदे भारत एक्सप्रेस (22477) में टिकट बुक करना होगा। यदि आप भोजन की सुविधा नहीं लेते हैं, तो इसका किराया घटकर करीब 1057 रुपये रह जाएगा। इसके बाद जम्मू से श्रीनगर के लिए नई वंदे भारत (26401/26402) का टिकट लेना होगा, जिसकी कीमत 730 रुपये है।
सड़क और हवाई सफर की तुलना में वंदे भारत क्यों है बेस्ट?
दिल्ली से श्रीनगर की 812 किमी की दूरी कार से तय करने में 16 घंटे लगते हैं और टैक्सी का खर्च 10 हजार रुपये के पार चला जाता है। वहीं, फ्लाइट का टिकट पीक सीजन में 6000 रुपये तक पहुंच जाता है। इसके विपरीत, वंदे भारत एक्सप्रेस से आप कुल 11 घंटे 33 मिनट में श्रीनगर पहुंच जाएंगे। इसमें चिनाब ब्रिज के अद्भुत नजारे और पहाड़ों की खूबसूरती बोनस के रूप में मिलती है। यही कारण है कि यात्री अब इसे प्राथमिकता दे रहे हैं।
हवाई कंपनियों और टैक्सी ऑपरेटरों की बढ़ी टेंशन
वंदे भारत की किफायती दरों और तेज रफ्तार ने एयरलाइंस और टैक्सी चालकों की नींद उड़ा दी है। पीक सीजन में मनमाना किराया वसूलने वाली कंपनियों पर अब दबाव बढ़ गया है। जम्मू-कश्मीर ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अनुसार, करीब 70,000 कैब संचालकों की कमाई पर इसका गहरा असर पड़ा है। वंदे भारत ने न केवल सफर को सस्ता बनाया है, बल्कि यह समय और बजट के बीच एक बेहतरीन संतुलन पेश करती है।

