Himachal News: हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों में कुदरत का कहर जारी है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, मई के शुरुआती छह दिनों में राज्य में सामान्य से 28 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि के दौरान 13.9 मिलीमीटर बारिश को सामान्य माना जाता है, लेकिन वर्तमान में 17.8 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। बिलासपुर, सिरमौर और सोलन जैसे जिलों में तो सामान्य से 300 फीसदी से भी ज्यादा बारिश हुई है। बेमौसमी बरसात और ओलावृष्टि ने पूरे प्रदेश में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।
बेमौसमी बारिश से लडभड़ोल और बंगाणा में फसलें बर्बाद
मंडी जिले की लडभड़ोल तहसील में लगातार पांच दिनों से हो रही बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। गोरा और बलोटू गांवों में गेहूं की कटी हुई फसल खेतों में ही सड़कर काली पड़ गई है। किसानों ने कृषि विभाग पर खराब बीज वितरण का आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग की है। वहीं, ऊना के बंगाणा क्षेत्र में भारी ओलावृष्टि से आम और अन्य फलों के बाग पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। ओलों की मार से पेड़ों के पत्ते और कच्चे फल जमीन पर बिछ गए हैं।
नेशनल हाईवे-5 पर भूस्खलन: खाई में गिरने से बचा तेल टैंकर
किन्नौर जिले में नेशनल हाईवे-5 पर मलिंग नाला के पास बुधवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। भूस्खलन की चपेट में आने से काजा की ओर जा रहा एक तेल टैंकर खाई में गिरने से बाल-बाल बचा। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की मशीनों ने कड़ी मशक्कत के बाद टैंकर को सुरक्षित बाहर निकाला। इस क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से लगातार पत्थर गिर रहे हैं। प्रशासन ने यात्रियों को फिलहाल इस मार्ग पर सफर न करने और बेहद सावधानी बरतने की सख्त सलाह दी है।
12 मई तक का पूर्वानुमान: फिर सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, राज्य में 8 से 10 मई तक मौसम साफ रहने की उम्मीद है। हालांकि, 11 और 12 मई को एक बार फिर नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे कई जिलों में झमाझम बारिश और ऊंची चोटियों पर बर्फबारी की संभावना है। राहत की बात यह है कि अगले चार दिनों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में वृद्धि होगी। अधिकतम तापमान में 3 से 8 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने से लोगों को ठंड से कुछ राहत मिलने के आसार हैं।
न्यूनतम तापमान और पिछले 24 घंटों का विवरण
बीते 24 घंटों के दौरान राजधानी शिमला में 17.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। नाहन और सोलन में भी बादल जमकर बरसे। तापमान की बात करें तो ताबो में न्यूनतम तापमान 0.8 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे कम दर्ज किया गया। कल्पा में 3.5 और कुकुमसेरी में 4.8 डिग्री सेल्सियस रहा। मैदानी इलाकों में पांवटा साहिब और देहरा गोपीपुर में पारा 19.0 डिग्री तक पहुंच गया है। कृषि विभाग ने बीमा कराने वाले किसानों को जल्द राहत राशि प्रदान करने का भरोसा दिया है।


