Uttar Pradesh News: आगरा के मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय में रविवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहाँ एमडी की छात्रा डॉ. वर्तिका सिंह का शव उनके हॉस्टल के कमरे में मिला। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि उन्होंने नींद की गोलियों का ओवरडोज लेकर आत्महत्या की है। डॉ. वर्तिका लखनऊ की रहने वाली थीं और इसी साल फरवरी में उन्होंने संस्थान में प्रवेश लिया था।
कमरे का दरवाजा तोड़कर निकाला गया शव
घटना का खुलासा तब हुआ जब डॉ. वर्तिका की मां ने रविवार सुबह से उन्हें कई बार फोन किया। फोन रिसीव न होने पर शाम को उन्होंने वर्तिका के साथी डॉक्टरों को सूचित किया। जब सहपाठियों ने वार्डन की मौजूदगी में कमरे का दरवाजा तोड़ा, तो वर्तिका बेड पर अचेत अवस्था में मिलीं। उन्हें तुरंत एसएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सीनियर रेजीडेंट पर उत्पीड़न के आरोप और जांच
डॉ. वर्तिका ने फरवरी माह में संस्थान के एक सीनियर रेजीडेंट डॉ. सार्थक पर अभद्रता और परेशान करने का गंभीर आरोप लगाया था। इस मामले की जांच के लिए तीन डॉक्टरों की कमेटी बनाई गई थी। हालांकि, कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में सीनियर रेजीडेंट को क्लीन चिट दे दी थी। बताया जा रहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद से ही वर्तिका काफी तनाव में रहने लगी थीं।
पहले भी किया था आत्महत्या का प्रयास
संस्थान के निदेशक डॉ. दिनेश राठौर के अनुसार, वर्तिका मानसिक रूप से काफी परेशान चल रही थीं। उन्होंने 27 मार्च को भी नींद की गोलियां खाकर जान देने की कोशिश की थी। उस समय उन्हें उपचार के बाद परिजनों के साथ लखनऊ भेज दिया गया था। वह 21 अप्रैल को ही वापस लौटी थीं। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि मौत के असली कारणों का पता चल सके।
