New Delhi News: गर्मियों के मौसम में बढ़ता तापमान सेहत के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। ऐसे में खुद को तरोताजा और स्वस्थ रखने का सबसे कारगर उपाय पर्याप्त पानी पीना है। जिस तरह कार को ईंधन की आवश्यकता होती है, उसी तरह मानव शरीर को सुचारू रूप से कार्य करने के लिए पानी चाहिए। डायटीशियन के अनुसार, व्यक्ति को अपने वजन के प्रति 30 किलो पर एक लीटर पानी पीना चाहिए। इसकी कमी से हीट स्ट्रोक और लू जैसी जानलेवा स्थितियां पैदा हो सकती हैं।
दोपहर में महसूस होने वाली सुस्ती और थकान
शरीर में हल्का डिहाइड्रेशन होने पर भी दिमाग और मांसपेशियों तक ऑक्सीजन का प्रवाह काफी कम हो जाता है। अक्सर लोग दोपहर में ऊर्जा की कमी महसूस करते हैं और इसे केवल भोजन से जोड़कर देखते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह अचानक आई सुस्ती अक्सर शरीर में पानी की गंभीर कमी का संकेत होती है। ऑक्सीजन की कमी मांसपेशियों को जल्दी थका देती है, जिससे व्यक्ति लगातार सुस्त और अनुत्साहित महसूस करने लगता है।
वजन बढ़ने और जिद्दी मोटापे का रहस्य
कई बार जब हमें प्यास लगती है, तो हमारा शरीर इस संकेत को ठीक से समझ नहीं पाता। मस्तिष्क प्यास के संकेतों को अक्सर भूख समझ लेता है और व्यक्ति जरूरत से ज्यादा खाना शुरू कर देता है। इस गलतफहमी के कारण कैलोरी इनटेक बढ़ जाता है और वजन अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगता है। पर्याप्त पानी न पीना मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देता है, जिससे वजन घटाना और भी मुश्किल हो जाता है।
लगातार बना रहने वाला सिरदर्द और तनाव
क्या आप जानते हैं कि पानी की कमी आपके मस्तिष्क के ऊतकों (ब्रेन टिशू) को सिकोड़ सकती है? जब शरीर डिहाइड्रेटेड होता है, तो मस्तिष्क की कोशिकाएं अस्थायी रूप से संकुचित हो जाती हैं, जिससे सिर में तेज दर्द शुरू हो जाता है। ज्यादातर लोग इस दर्द को मानसिक तनाव या काम के बोझ से जोड़कर देखते हैं। जबकि कई मामलों में केवल एक या दो गिलास पानी पीने से इस दर्द से तुरंत राहत मिल सकती है।
बेजान त्वचा और बालों के झड़ने की समस्या
हमारी त्वचा का लगभग 64 प्रतिशत हिस्सा पानी से बना होता है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो इसका सबसे पहला और साफ असर चेहरे पर दिखाई देता है। स्किन अपनी चमक खो देती है और बेजान नजर आने लगती है। कोई भी महंगा ब्यूटी प्रोडक्ट पानी की कमी को पूरा नहीं कर सकता। इसके अलावा, बालों की जड़ों को नमी न मिलने के कारण वे कमजोर होकर टूटने लगते हैं।
पाचन तंत्र में गड़बड़ी और पेट फूलना
भोजन को सही तरीके से पचाने के लिए पेट को पर्याप्त मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है। पानी की कमी होने पर पाचन क्रिया धीमी पड़ जाती है, जिससे कब्ज और पेट फूलने (Bloating) की शिकायत होने लगती है। इन सभी स्वास्थ्य समस्याओं से बचने का सबसे सरल उपाय है कि रोजाना कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पिएं। व्यायाम करने वालों को पानी की मात्रा और भी बढ़ानी चाहिए ताकि पसीने से हुई कमी पूरी हो सके।
