भूल जाएंगे सूजी और मूंग दाल का स्वाद! घर पर ऐसे बनाएं दानेदार आटे का हलवा, सेहत और स्वाद का बेजोड़ संगम

Uttar Pradesh News: अगर आप रोजाना एक ही तरह के मीठे व्यंजन खाकर बोर हो चुके हैं, तो गेहूं के आटे का हलवा एक शानदार विकल्प है। यह पारंपरिक व्यंजन न केवल स्वाद में लाजवाब है, बल्कि सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद माना जाता है। देसी घी की खुशबू और गुड़ की मिठास इस हलवे को खास बनाती है। इसे बनाना बेहद आसान है और रसोई में मौजूद साधारण सामग्री से यह झटपट तैयार हो जाता है।

दानेदार हलवा बनाने के लिए जरूरी सामग्री

एक बेहतरीन और परफेक्ट हलवा तैयार करने के लिए आपको कुछ खास चीजों की जरूरत होगी। सामग्री की सूची इस प्रकार है: एक कप गेहूं का आटा, एक कप शुद्ध देसी घी और एक कप गुड़। इसके साथ ही स्वाद बढ़ाने के लिए एक कप दूध और करीब डेढ़ गिलास पानी का इस्तेमाल करें। खुशबू के लिए चार से पांच कुटी हुई इलायची और अपनी पसंद के बारीक कटे हुए सूखे मेवे (ड्राई फ्रूट्स) साथ रखें।

बनाने की विधि: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

हलवा बनाने के शुरुआती चरण

सबसे पहले गैस पर एक भारी तले की कड़ाही रखें और उसे मध्यम आंच पर गर्म होने दें। जब कड़ाही गर्म हो जाए, तो उसमें गेहूं का आटा डालें। अब आटे को लगातार चलाते हुए तब तक भूनें जब तक कि उसका रंग हल्का लाल न हो जाए। एक बार जब आटा भुन जाए, तो उसे किसी प्लेट में निकाल लें। अब कड़ाही में देसी घी डालें और भुने हुए आटे को दोबारा घी के साथ भूनें।

दूध और पानी का सही मिश्रण

जब आटे से सोंधी खुशबू आने लगे और वह पूरी तरह ब्राउन हो जाए, तब अगला स्टेप शुरू करें। अब इसमें सावधानी से एक कप दूध और डेढ़ गिलास पानी मिलाएं। इस दौरान आंच धीमी रखें और चम्मच से लगातार हिलाते रहें। आपको इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि मिश्रण में गांठें या लम्प्स बिल्कुल न पड़ें। एक समान पेस्ट बनने तक इसे चलाते रहना बहुत जरूरी होता है।

अंतिम स्पर्श और मिठास

मिश्रण गाढ़ा होने पर इसमें एक कप गुड़ का पाउडर या छोटे टुकड़े डालें। साथ ही इलायची पाउडर और कटे हुए सूखे मेवे डालकर अच्छी तरह मिक्स करें। इसे तब तक पकाएं जब तक गुड़ पूरी तरह मेल्ट होकर आटे में समा न जाए। जैसे ही हलवा कड़ाही के किनारे छोड़ने लगे, समझ लीजिए कि यह तैयार है। अब गैस बंद कर दें और इस लजीज हलवे को गरमागरम परोसें।

सेहत के लिए कितना फायदेमंद है आटे का हलवा?

गेहूं के आटे का हलवा ऊर्जा का एक प्राकृतिक और बेहतरीन स्रोत है। यह शरीर की पुरानी थकान और कमजोरी को दूर करने में सहायक सिद्ध होता है। गुड़ के उपयोग के कारण इसमें आयरन की भरपूर मात्रा होती है, जो एनीमिया से बचाता है। सर्दी-जुकाम के दौरान इसका सेवन शरीर को गर्माहट देता है। हड्डियों की मजबूती और नई माताओं के लिए भी यह एक पौष्टिक और सुरक्षित आहार माना जाता है।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
/ month
placeholder text

Hot this week

Topics

Related Articles

Popular Categories