New Delhi: देश के सर्राफा बाजार में लगातार जारी गिरावट के बीच खरीदारों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। शादी के सीजन और निवेशकों की भारी मांग के बावजूद इस हफ्ते सोना 1740 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो गया है। वहीं चांदी की कीमतों में भी जबरदस्त गिरावट देखने को मिली है और यह करीब 15,000 रुपये प्रति किलोग्राम नीचे आ गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
दिल्ली से मुंबई तक हर शहर में सोना सस्ता
आज 26 अप्रैल 2026 को देश की राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव 1,54,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बना हुआ है। वहीं मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु जैसे शहरों में कीमत 1,54,050 रुपये के स्तर पर है। चेन्नई में सबसे ज्यादा सोने का भाव 1,54,910 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। बता दें कि इस साल 29 जनवरी को सोने ने 1,80,779 रुपये का अपना ऑल-टाइम हाई छुआ था, जिसके मुकाबले अब कीमतें करीब 28,000 रुपये नीचे आ चुकी हैं।
चांदी की चमक भी पड़ी फीकी
चांदी के खरीदारों के लिए भी अच्छी खबर है क्योंकि औद्योगिक मांग और वैश्विक दबाव के चलते इसकी कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली है। शुक्रवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी 3,000 रुपये टूटकर 2,47,000 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, बीते कुछ दिनों में चांदी करीब 15,000 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो चुकी है।
क्यों गिर रहे हैं सोने-चांदी के दाम?
विशेषज्ञों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने सोने पर दबाव बनाया हुआ है। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण कच्चा तेल 95-100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। सीएनबीसी टीवी18 की रिपोर्ट के अनुसार, मजबूत डॉलर और ऊंची ब्याज दरों की उम्मीदों ने निवेशकों की सोने में दिलचस्पी कम कर दी है।
क्या अभी सोने में निवेश सही रहेगा?
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी का कहना है कि डॉलर के मजबूत होने और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण निवेशक सतर्क हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि के निवेश के लिए सोना हमेशा एक सुरक्षित विकल्प रहा है। मौजूदा गिरावट खरीदारी का एक अच्छा मौका हो सकती है क्योंकि आने वाले महीनों में कीमतों में फिर तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।
भारत में कैसे तय होते हैं सोने-चांदी के दाम?
भारत में सोने और चांदी की कीमतें मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करती हैं। लंदन बुलियन मार्केट और न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज जैसे वैश्विक बाजारों में कीमतों में बदलाव का सीधा असर घरेलू सर्राफा बाजार पर पड़ता है। इसके अलावा, डॉलर की मजबूती, केंद्रीय बैंकों का गोल्ड रिजर्व, आयात शुल्क और स्थानीय ज्वैलर्स एसोसिएशन द्वारा तय प्रीमियम के आधार पर हर शहर में कीमतें अलग-अलग हो सकती हैं। पश्चिम एशिया जैसे भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक अनिश्चितता भी निवेशकों को सोने की ओर खींचती है, जिससे भाव बढ़ते हैं।
22 कैरेट और 24 कैरेट सोने में क्या अंतर है?
24 कैरेट सोना 99.9% शुद्ध होता है और बहुत नरम होता है, इसलिए इससे गहने नहीं बनाए जा सकते। 22 कैरेट सोने में 91.6% सोना और बाकी अन्य धातुएं होती हैं, जो इसे गहने बनाने के लिए मजबूत बनाती हैं। वहीं 18 कैरेट सोने में 75% सोना और 25% अन्य धातुएं होती हैं, जो इसे और भी सख्त बनाती हैं। हॉलमार्क सोने की शुद्धता की गारंटी है और बीआईएस गहनों पर अपनी मुहर लगाकर यह प्रमाणित करता है कि सोना उतने ही कैरेट का है जितना दावा किया जा रहा है।
