Delhi News: दिल्ली नगर निगम ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए स्वामी दयानंद अस्पताल में अत्याधुनिक एडवांस आई केयर सेंटर की शुरुआत कर दी है। महापौर राजा इकबाल सिंह ने अस्पताल के ओपीडी ब्लॉक में इस केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया। यह केंद्र पूरी तरह से आधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञ सेवाओं से लैस है। इसके शुरू होने से पूर्वी दिल्ली समेत आसपास के लाखों लोगों को उच्चस्तरीय नेत्र चिकित्सा अब अपने घर के पास ही उपलब्ध होगी।
ग्लूकोमा और डायबिटिक रेटिनोपैथी का हो सकेगा बेहतर इलाज
इस नए केंद्र में एनडी याग लेज़र, ग्रीन लेज़र और ऑप्टिकल कोहरेंस टोमोग्राफी (ओसीटी) जैसी अत्याधुनिक मशीनों ने काम करना शुरू कर दिया है। ये तमाम मशीनें विशेष रूप से ग्लूकोमा और डायबिटिक रेटिनोपैथी जैसे गंभीर और जटिल नेत्र रोगों के निदान और इलाज में बेहद कारगर साबित होंगी। कार्यक्रम के दौरान महापौर ने अधिकारियों के साथ अस्पताल की अन्य सुविधाओं का भी जायजा लिया।
महापौर ने ICU और सीआरआरटी मशीन का लिया जायजा
महापौर राजा इकबाल सिंह ने उद्घाटन के बाद अस्पताल के लैक्टेशन मैनेजमेंट यूनिट और आईसीयू का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने वहां भर्ती मरीजों से बातचीत कर इलाज की गुणवत्ता की जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने कंटीन्यूअस रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी (सीआरआरटी) मशीन की कार्यप्रणाली को भी करीब से समझा। इस मौके पर स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा समेत कई क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बड़े अस्पतालों की निर्भरता होगी कम
एमसीडी प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि इस तरह की आधुनिक सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिलने से आम लोगों को बड़े निजी अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे न केवल उनके समय और पैसे की बचत होगी बल्कि उन्हें समय पर सही उपचार भी मिल सकेगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आने वाले समय में स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत बनाया जाएगा ताकि सस्ती और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुनिश्चित हो।
गर्मी को देखते हुए अस्पतालों में खास इंतजाम के निर्देश
भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रकोप को ध्यान में रखते हुए महापौर ने सभी अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में पानी और ठंडक के इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही डायरिया जैसी गर्मी से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए अस्पताल परिसर में विशेष ‘ओआरएस कॉर्नर’ स्थापित करने का भी आदेश दिया गया है। दिल्ली नगर निगम की यह पहल निश्चित रूप से स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली साबित होगी। आम नागरिकों को अब आंखों की बीमारियों के लिए दूर-दराज के बड़े अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। स्वामी दयानंद अस्पताल का यह नया आई केयर सेंटर पूर्वी दिल्ली के लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यहां मरीजों को एक ही छत के नीचे जांच से लेकर सर्जरी तक की सभी सुविधाएं मिलेंगी। निगम प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में इसी तर्ज पर अन्य विशेषज्ञता वाली स्वास्थ्य सेवाएं भी विकसित की जाएंगी ताकि हर वर्ग के लोगों तक बेहतरीन इलाज पहुंचाया जा सके। इस पहल से दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा मिलने की पूरी उम्मीद है। मरीजों को अब सरकारी अस्पतालों में भी प्राइवेट अस्पतालों जैसी सुविधाएं मिलने लगेंगी। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों का स्वास्थ्य पर होने वाला खर्च भी काफी हद तक कम होगा। एमसीडी की यह कोशिश सराहनीय है कि वह लगातार अपने अस्पतालों के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बना रही है। इस केंद्र के संचालन से रोजाना सैकड़ों मरीज लाभान्वित होंगे और उन्हें अपनी आंखों की रोशनी बचाने का अवसर प्राप्त होगा। यह स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाया गया एक मजबूत कदम साबित होगा।
अब पूर्वी दिल्ली वालों को आंखों की बीमारी में नहीं भटकना पड़ेगा बड़े अस्पतालों के चक्कर, स्वामी दयानंद अस्पताल में शुरू हुआ अत्याधुनिक आई केयर सेंटर
कीवर्ड्स: MCD hospital, eye care
स्लग: mcd-swami-dayanand-hospital-advanced-eye-care-centre-inauguration
Delhi News: दिल्ली नगर निगम ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए स्वामी दयानंद अस्पताल में अत्याधुनिक एडवांस आई केयर सेंटर की शुरुआत कर दी है। महापौर राजा इकबाल सिंह ने अस्पताल के ओपीडी ब्लॉक में इस केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया। यह केंद्र पूरी तरह से आधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञ सेवाओं से लैस है। इसके शुरू होने से पूर्वी दिल्ली समेत आसपास के लाखों लोगों को उच्चस्तरीय नेत्र चिकित्सा अब अपने घर के पास ही उपलब्ध होगी।
ग्लूकोमा और डायबिटिक रेटिनोपैथी का हो सकेगा बेहतर इलाज
इस नए केंद्र में एनडी याग लेज़र, ग्रीन लेज़र और ऑप्टिकल कोहरेंस टोमोग्राफी (ओसीटी) जैसी अत्याधुनिक मशीनों ने काम करना शुरू कर दिया है। ये तमाम मशीनें विशेष रूप से ग्लूकोमा और डायबिटिक रेटिनोपैथी जैसे गंभीर और जटिल नेत्र रोगों के निदान और इलाज में बेहद कारगर साबित होंगी। कार्यक्रम के दौरान महापौर ने अधिकारियों के साथ अस्पताल की अन्य सुविधाओं का भी जायजा लिया।
महापौर ने ICU और सीआरआरटी मशीन का लिया जायजा
महापौर राजा इकबाल सिंह ने उद्घाटन के बाद अस्पताल के लैक्टेशन मैनेजमेंट यूनिट और आईसीयू का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने वहां भर्ती मरीजों से बातचीत कर इलाज की गुणवत्ता की जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने कंटीन्यूअस रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी (सीआरआरटी) मशीन की कार्यप्रणाली को भी करीब से समझा। इस मौके पर स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा समेत कई क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बड़े अस्पतालों की निर्भरता होगी कम
एमसीडी प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि इस तरह की आधुनिक सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिलने से आम लोगों को बड़े निजी अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे न केवल उनके समय और पैसे की बचत होगी बल्कि उन्हें समय पर सही उपचार भी मिल सकेगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आने वाले समय में स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत बनाया जाएगा ताकि सस्ती और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुनिश्चित हो।
गर्मी को देखते हुए अस्पतालों में खास इंतजाम के निर्देश
भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रकोप को ध्यान में रखते हुए महापौर ने सभी अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में पानी और ठंडक के इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही डायरिया जैसी गर्मी से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए अस्पताल परिसर में विशेष ‘ओआरएस कॉर्नर’ स्थापित करने का भी आदेश दिया गया है। दिल्ली नगर निगम की यह पहल निश्चित रूप से स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली साबित होगी। आम नागरिकों को अब आंखों की बीमारियों के लिए दूर-दराज के बड़े अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। स्वामी दयानंद अस्पताल का यह नया आई केयर सेंटर पूर्वी दिल्ली के लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यहां मरीजों को एक ही छत के नीचे जांच से लेकर सर्जरी तक की सभी सुविधाएं मिलेंगी। निगम प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में इसी तर्ज पर अन्य विशेषज्ञता वाली स्वास्थ्य सेवाएं भी विकसित की जाएंगी ताकि हर वर्ग के लोगों तक बेहतरीन इलाज पहुंचाया जा सके। इस पहल से दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा मिलने की पूरी उम्मीद है। मरीजों को अब सरकारी अस्पतालों में भी प्राइवेट अस्पतालों जैसी सुविधाएं मिलने लगेंगी। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों का स्वास्थ्य पर होने वाला खर्च भी काफी हद तक कम होगा। एमसीडी की यह कोशिश सराहनीय है कि वह लगातार अपने अस्पतालों के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बना रही है। इस केंद्र के संचालन से रोजाना सैकड़ों मरीज लाभान्वित होंगे और उन्हें अपनी आंखों की रोशनी बचाने का अवसर प्राप्त होगा। यह स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाया गया एक मजबूत कदम साबित होगा।
