New Delhi News: गार्डनिंग केवल एक शौक नहीं, बल्कि शरीर और मन की बेहतरीन एक्सरसाइज है। पेड़-पौधों के बीच समय बिताने से हम मानसिक रूप से बेहतर महसूस करते हैं और हमें ताजी सब्जियां व शुद्ध हवा भी मिलती है। आज के समय में बाजार में महंगी खाद, सीड्स ट्रे और कीटनाशक आसानी से उपलब्ध हैं, लेकिन पुराने ‘रेट्रो’ तरीके आज भी कहीं अधिक कारगर और किफायती साबित होते हैं। इन पारंपरिक घरेलू नुस्खों से पौधों को भरपूर पोषण मिलता है और आपके पैसे की भी बचत होती है।
अंडे के छिलकों से तैयार करें ऑर्गेनिक सीड्स ट्रे
बीजों को अंकुरित करने के लिए बाजार से प्लास्टिक की ट्रे खरीदने के बजाय आप अंडों की खाली ट्रे और उनके छिलकों का उपयोग कर सकते हैं। यह एक पुरानी और बेहद प्रभावी तकनीक है। अंडे के छिलकों को सावधानी से आधा तोड़ें, उनमें मिट्टी भरें और बीज रोप दें। जब पौधे थोड़े बड़े हो जाएं, तो इन्हें सीधे मिट्टी में लगा दें। अंडे के छिलके धीरे-धीरे गलकर पौधों को कैल्शियम और अन्य पोषक तत्व प्रदान करेंगे। यह तरीका पौधों को कीटों और फंगस से बचाने में भी मदद करता है।
मिट्टी की उर्वरता बढ़ाएगी बची हुई कॉफी
अगर आप कॉफी पीने के शौकीन हैं, तो बनाने के बाद बचे हुए कॉफी पाउडर (Coffee Grounds) को फेंकने की गलती न करें। इसमें प्रचुर मात्रा में नाइट्रोजन, कैल्शियम, फास्फोरस और मैग्नीशियम होता है, जो पौधों की ग्रोथ के लिए वरदान है। बस ध्यान रखें कि इसे मिट्टी में केवल 20 प्रतिशत की मात्रा में ही मिलाएं। अत्यधिक मात्रा मिट्टी के पीएच (pH) स्तर को असंतुलित कर सकती है। यह हैक मिट्टी की संरचना को सुधारने और पौधों को मजबूती देने के लिए सदियों से इस्तेमाल किया जा रहा है।
नारियल के छिलकों से बनाएं कोकोपीट
गर्मियों के मौसम में तेज धूप के कारण गमलों की मिट्टी बहुत जल्दी सूख जाती है। ऐसे में नारियल के छिलके नमी बनाए रखने के लिए सबसे अच्छे माने जाते हैं। आप इन छिलकों को गमले की ऊपरी सतह पर बिछा सकते हैं, जो मल्चिंग का काम करेंगे। इसके अलावा, छिलकों को छोटे टुकड़ों में काटकर और पीसकर आप घर पर ही कोकोपीट तैयार कर सकते हैं। यह मिट्टी में हवा का संचार बढ़ाता है और पानी को जमा होने से रोकता है, जिससे जड़ें सड़ती नहीं हैं।
किचन वेस्ट से तैयार करें जादुई खाद
रसोई से निकलने वाले फलों और सब्जियों के छिलके कचरा नहीं, बल्कि पौधों के लिए बेहतरीन खाद हैं। आप एक जार में छिलके और पानी भरकर कुछ दिनों के लिए छोड़ दें, जिससे लिक्विड फर्टिलाइजर तैयार हो जाएगा। दूसरा तरीका यह है कि एक गड्ढे या बड़े गमले में मिट्टी और छिलकों की परतें बनाकर उन्हें एक महीने के लिए दबा दें। यह जैविक खाद बाजार में मिलने वाली किसी भी रासायनिक खाद से कहीं अधिक शक्तिशाली और सुरक्षित होती है।
खरपतवार रोकने के लिए पुराने अखबार का जादू
पुराने अखबारों का उपयोग गार्डनिंग में मल्चिंग के लिए किया जा सकता है। यह खरपतवार (Unwanted Weeds) को उगने से रोकने का एक प्राचीन और सफल नुस्खा है। गमले या क्यारी की मिट्टी पर अखबार की 4 से 6 परतें बिछाएं और ऊपर से थोड़ा पानी छिड़क दें। इसके ऊपर सूखी पत्तियां या कंपोस्ट डालने से मिट्टी में नमी लंबे समय तक बनी रहती है। अखबार धीरे-धीरे गलकर मिट्टी में मिल जाता है और पर्यावरण को कोई नुकसान भी नहीं पहुंचाता है।
