Uttar Pradesh News: गोरखपुर के रानीडीहा इलाके में इस वक्त सन्नाटा और चीख-पुकार मची है। जिस घर में 10 दिन पहले सत्यनारायण कथा के जयकारे गूंज रहे थे, वहां आज एक साथ तीन अर्थियां उठी हैं। अशोक नगर निवासी शिक्षक विनय श्रीवास्तव, उनकी पत्नी अर्चना और बेटे कृतार्थ की बिहार में एक भीषण सड़क हादसे में मौत हो गई। इस त्रासदी में परिवार का सबसे लाडला सदस्य, उनका पालतू कुत्ता ‘रुद्र’ भी नहीं बचा। बेटी की शादी संपन्न कराकर लौट रहे इस परिवार की खुशियां घर पहुंचने से चंद घंटों पहले ही उजड़ गईं।
बेटी की शादी के बाद लौटते वक्त काल ने घेरा
विनय श्रीवास्तव देवरिया के एक निजी स्कूल में शिक्षक थे। वे 15 अप्रैल को पूरे परिवार के साथ बेटी मिमांसा की शादी के लिए रांची गए थे। 21 अप्रैल को शादी धूमधाम से संपन्न हुई। बेटी अपने पति के साथ रांची में ही रुक गई, जबकि विनय अपनी पत्नी, बेटे और पालतू कुत्ते के साथ वापस गोरखपुर लौट रहे थे। रास्ते में एक मामूली दुर्घटना के बाद पुलिस ने उनकी मूल गाड़ी जब्त कर ली थी। इसके बाद परिवार ने एक दूसरी टैक्सी किराए पर ली, जो रास्ते में मौत का कारण बन गई।
शादी के कार्ड में था पालतू कुत्ते ‘रुद्र’ का नाम
विनय श्रीवास्तव का अपने पालतू लेब्राडोर कुत्ते ‘रुद्र’ से इतना गहरा लगाव था कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी के कार्ड में भी उसका नाम छपवाया था। मोहल्ले के लोग बताते हैं कि रुद्र को परिवार का सदस्य माना जाता था। हादसे में रुद्र ने भी अपने मालिकों के साथ दम तोड़ दिया। शनिवार शाम जब नवविवाहिता बेटी मिमांसा बदहवास हालत में रांची से गोरखपुर पहुंची, तो उसने नम आंखों से अपने सबसे प्रिय साथी रुद्र को घर के पास दफनाया। यह मंजर देख हर किसी की रूह कांप गई।
पड़ोसियों के लिए मददगार और सरल स्वभाव के थे विनय
विनय श्रीवास्तव ने अपने करियर की शुरुआत हिमाचल प्रदेश के स्कूलों से की थी। साल 2015 से वे गोरखपुर के रानीडीहा में अपने परिवार के साथ रह रहे थे। उनकी पत्नी अर्चना सामाजिक कार्यों में काफी सक्रिय रहती थीं। पड़ोसियों के अनुसार, विनय बेहद मिलनसार और सरल व्यक्ति थे। रविवार सुबह राजघाट स्थित राप्ती तट पर एक ही परिवार के तीन सदस्यों का अंतिम संस्कार किया गया। पूरे मोहल्ले में इस वक्त चूल्हा तक नहीं जला है और लोग इस भयानक हादसे पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं।
