UP News: श्रमिक हिंसा मामले में पुलिस की जांच एक बेहद अहम मोड़ पर पहुंच चुकी है। भयंकर घटना की गहरी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए तीन मुख्य महिला आरोपितों को रिमांड पर लिया गया है। आकृति चौधरी, सृष्टि गुप्ता और मनीषा चौहान से लगातार पूछताछ जारी है। पुलिस को महिलाओं के मोबाइल फोन और वाट्सएप चैट से कई चौंकाने वाले सुराग मिले हैं। ये डिजिटल साक्ष्य अदालत में मजबूत आधार साबित होंगे।
डिजिटल सबूतों से खुलेगा नेटवर्क का राज
पुलिस ने शुक्रवार को अदालत के आदेश पर तीनों महिलाओं को तीन दिन के रिमांड पर लिया था। रविवार को इनकी रिमांड समाप्त होगी। सूत्रों के अनुसार पुलिस अधिकारियों ने इन दो दिनों में आरोपितों से सड़क जाम करने, आगजनी और फैक्ट्रियों में भयानक तोड़फोड़ जैसे गंभीर सवाल पूछे हैं। इस दौरान वाट्सएप ग्रुप्स और इंटरनेट मीडिया पर हिंसा के वीडियो प्रसारित करने वाले पूरे नेटवर्क की अहम जानकारियां सामने आई हैं।
आरोपितों ने जांच में किया पूरा सहयोग
शनिवार को कोतवाली में आरोपित आकृति चौधरी से अधिवक्ता सुमित शर्मा और गौरव यादव ने मुलाकात की। वकीलों ने स्पष्ट किया कि पूछताछ के दौरान पुलिस की कार्रवाई सही रही। आकृति ने पुलिस के बर्ताव को लेकर कोई शिकायत नहीं की है। वह जांच प्रक्रिया में पूरा सहयोग दे रही हैं। पुलिसकर्मी भी आरोपित महिलाओं के साथ संतोषजनक व्यवहार कर रहे हैं। इससे साजिशकर्ताओं तक पहुंचने में बड़ी कामयाबी मिलेगी।
