Uttar Pradesh News: नोएडा के सेक्टर-76 मेट्रो स्टेशन के पास की व्यस्त सड़क पर हर दिन हजारों लोग अपनी जान जोखिम में डालकर पैदल रास्ता पार करने को मजबूर हैं। विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह सड़क पार करना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। स्थानीय निवासियों द्वारा पिछले तीन वर्षों से फुट ओवर ब्रिज (FOB) के निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन नोएडा प्राधिकरण की फाइलों में यह प्रोजेक्ट अब भी अनुमति के इंतजार में अटका हुआ है।
अधिकारियों के आश्वासनों के बावजूद धरातल पर काम शून्य
आईजीआरएस (IGRS) आवेदनकर्ता अमित गुप्ता के अनुसार, नवंबर 2025 में जल कंपाउंड कार्यक्रम के दौरान महाप्रबंधक ने घोषणा की थी कि सभी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। तब आश्वासन दिया गया था कि एक-दो महीने के भीतर निर्माण कार्य धरातल पर शुरू हो जाएगा। हालांकि, इस दावे के छह महीने बीत जाने के बाद भी अभी तक काम शुरू नहीं हो सका है। प्राधिकरण का हर जवाब केवल पत्रावली को उच्चाधिकारियों के समक्ष विचाराधीन बताने तक ही सीमित रहता है।
विधायक के पत्र और टेंडर प्रक्रिया के बाद भी लंबित है फाइल
नोएडा विधायक कार्यालय से मार्च 2025 में ही मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) को इस संबंध में पत्र भेजा गया था। हैरानी की बात यह है कि एक वर्ष बीतने के बावजूद एफओबी की फाइल आगे नहीं बढ़ सकी है। प्राधिकरण ने खुद स्वीकार किया है कि क्षेत्रीय विधायक का सिफारिशी पत्र उन्हें प्राप्त हो चुका है। टेंडर प्रक्रिया भी 100 दिन पहले ही निकाली जा चुकी थी, लेकिन विडंबना यह है कि अंतिम स्वीकृति की फाइल आज भी सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही है।
प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर स्थानीय निवासियों ने उठाए सवाल
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सेक्टर-71 अंडरपास जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स का टेंडर बाद में निकला और वे पूरे भी हो गए, लेकिन मेट्रो स्टेशन के सामने की यह बुनियादी जरूरत उपेक्षित है। मार्च 2026 में आईजीआरएस पर मिली शिकायत के बाद वरिष्ठ प्रबंधक की ओर से फिर वही पुराना जवाब दिया गया। सेवन-एक्स सेक्टर के निवासियों का मानना है कि एक छोटे से फुट ओवर ब्रिज का मामला नोएडा प्राधिकरण की कार्यशैली और आम जनता की सुरक्षा के प्रति उनकी गंभीरता को उजागर करता है।
