New Delhi News: भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापारिक रिश्तों का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। सोमवार को दोनों देश बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर आधिकारिक तौर पर हस्ताक्षर करेंगे। नई दिल्ली के प्रतिष्ठित भारत मंडपम में आयोजित होने वाले इस समारोह में भारत के वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टोड मैक्ले मौजूद रहेंगे। इस ऐतिहासिक समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करना है।
5 अरब डॉलर का लक्ष्य और न्यूजीलैंड का बड़ा निवेश
वर्तमान में भारत और न्यूजीलैंड के बीच लगभग 2.5 अरब डॉलर का व्यापार होता है। इस नए व्यापार समझौते के लागू होने के बाद अगले पांच वर्षों में इसे 5 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। समझौते के तहत न्यूजीलैंड भारत के विभिन्न क्षेत्रों में 20 अरब डॉलर का बड़ा निवेश भी करेगा। इससे न केवल भारत में बुनियादी ढांचे का विकास होगा, बल्कि वस्तु और सेवा क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को भी जबरदस्त रफ्तार मिलेगी।
भारतीय प्रोफेशनल्स और छात्रों के लिए खुले सुनहरे अवसर
इस समझौते का सबसे बड़ा लाभ भारतीय युवाओं और पेशेवरों को मिलने वाला है। न्यूजीलैंड ने भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए हर साल 5000 विशेष वीजा का कोटा निर्धारित किया है। इसके तहत आईटी, हेल्थकेयर और शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञ तीन साल तक वहां काम कर सकेंगे। इसके अलावा, विज्ञान और तकनीक से जुड़े छात्रों को पढ़ाई के बाद दो से तीन साल का वर्क वीजा मिलेगा। भारतीय छात्र अब पढ़ाई के साथ सप्ताह में 20 घंटे काम भी कर सकेंगे।
कृषि और डेयरी सेक्टर में तकनीक का होगा आदान-प्रदान
न्यूजीलैंड अपनी उन्नत कृषि तकनीक के जरिए भारत में सेब, किवी और शहद के उत्पादन को बढ़ाने में मदद करेगा। भारत में सेब की उत्पादकता फिलहाल काफी कम है, जबकि न्यूजीलैंड इस मामले में विश्व स्तर पर अग्रणी है। समझौते के तहत भारत ने न्यूजीलैंड के चुनिंदा कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क में राहत दी है। बदले में न्यूजीलैंड भारत के डेयरी सेक्टर की उत्पादकता सुधारने के लिए अपनी आधुनिक तकनीक साझा करेगा, जिससे भारतीय किसानों की आय बढ़ेगी।
