Gujarat News: गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों के लिए जारी मतदान और गहमागहमी के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) को एक बड़ा डिजिटल झटका लगा है। पार्टी की गुजरात यूनिट के आधिकारिक इंस्टाग्राम और फेसबुक पेजों को शनिवार को अचानक सस्पेंड कर दिया गया। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब राज्य में 15 नगर निगमों समेत करीब 10,000 सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया चल रही है। आप नेताओं ने इस कदम को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए आरोप लगाया है कि भाजपा पार्टी को मिल रहे जनसमर्थन से घबरा गई है।
वोटिंग से ठीक पहले ‘आवाज’ दबाने का आरोप
गुजरात ‘आप’ के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने एक वीडियो जारी कर बताया कि पार्टी के सोशल मीडिया पेजों की पहुंच पिछले 28 दिनों में 8 करोड़ से अधिक थी। फेसबुक पर 7 लाख से ज्यादा और इंस्टाग्राम पर 3 लाख से अधिक फॉलोअर्स वाले इन पेजों को अचानक बंद करना राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। गढ़वी ने दावा किया कि जब जनता व्यवस्था से परेशान होकर सोशल मीडिया पर अपनी बात रख रही थी, तब भाजपा ने हार के डर से इन खातों को बंद करवा दिया।
केजरीवाल ने पूछा— भाजपा आखिर इतना क्यों डरी है?
इस डिजिटल सेंसरशिप पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट साझा करते हुए सीधा सवाल पूछा कि भाजपा आखिर इतना डरी हुई क्यों है? केजरीवाल के साथ ही मनीष सिसोदिया, आतिशी और संजय सिंह जैसे वरिष्ठ नेताओं ने भी इसे चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि पहले उनके नेताओं को जेल में डाला गया और अब जनता की डिजिटल आवाज को कुचला जा रहा है।
सियासी संकट के बीच बढ़ा तनाव
यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब एक दिन पहले ही राघव चड्ढा समेत ‘आप’ के सात राज्यसभा सदस्यों के पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने की खबर ने सुर्खियां बटोरी थीं। गुजरात में निकाय चुनावों के बीच पार्टी पहले से ही संगठनात्मक चुनौतियों से जूझ रही है। अब सोशल मीडिया पेजों के सस्पेंड होने से पार्टी का ऑनलाइन प्रचार थम गया है। हालांकि, पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वे इस बाधा के बावजूद अपना अभियान जारी रखेंगे और मतदाता इस ‘डिजिटल तानाशाही’ का जवाब वोट से देंगे।
