Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली में सूरज की तपिश और जानलेवा लू (Heatwave) ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने भीषण गर्मी को देखते हुए ‘यलो अलर्ट’ जारी किया है। दोपहर 11 बजे से शाम 5 बजे तक लू का प्रकोप अपने चरम पर रहता है, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा सबसे ज्यादा बना हुआ है। डॉक्टरों ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को इस दौरान घर से बाहर न निकलने की कड़ी हिदायत दी है।
RML अस्पताल में हीट स्ट्रोक के लिए विशेष इंतजाम
गर्मी की गंभीरता को देखते हुए राम मनोहर लोहिया अस्पताल (RML) ने कमर कस ली है। अस्पताल के निदेशक डॉ. एल. श्याम ने बताया कि लू की चपेट में आए मरीजों के लिए एक विशेष वार्ड तैयार किया गया है। यहाँ मरीजों के शरीर का तापमान तुरंत कम करने के लिए आधुनिक तकनीक और पारंपरिक तरीकों का मेल किया गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि लू लगने पर शुरुआती कुछ मिनट उपचार के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं, जिसमें देरी जानलेवा हो सकती है।
बर्फ के टब में डुबोकर बचाई जाएगी मरीजों की जान
हीट स्ट्रोक वार्ड के इंचार्ज डॉ. अजय चौहान ने बताया कि गंभीर मरीजों के लिए ‘होल बॉडी इमर्शन’ की सुविधा शुरू की गई है। इसके तहत मरीज को लाते ही बर्फ से भरे ठंडे पानी के टब में डुबोया जाता है। इस प्रक्रिया से शरीर का बढ़ा हुआ तापमान तेजी से 5 डिग्री तक नीचे लाया जाता है। अस्पताल ने इसके लिए विशेष आइस-मेकिंग मशीनें भी लगाई हैं। पिछले साल इस वार्ड में 75 मरीज भर्ती हुए थे, जिनमें से 27 ने दम तोड़ दिया था।
सावधानी और लक्षण: ऐसे करें अपना बचाव
डॉक्टरों के अनुसार, शरीर का अत्यधिक गर्म होना, चक्कर आना, उल्टी-दस्त और बेहोशी हीट स्ट्रोक के प्रमुख लक्षण हैं। बचाव के लिए दिन भर पर्याप्त पानी पिएं और ढीले सूती कपड़े पहनें। लस्सी, नींबू पानी और आम पन्ना जैसे पेय पदार्थों का सेवन शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है। यदि किसी में लू के लक्षण दिखें, तो तुरंत उसकी गर्दन और शरीर पर ठंडा पानी डालें और बिना समय गंवाए उसे नजदीकी अस्पताल ले जाएं। सतर्कता ही इस मौसम में सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।
