Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल सेंट्रल रेंज में इस साल यातायात व्यवस्था में क्रांतिकारी सुधार देखने को मिला है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, 2026 की पहली तिमाही (जनवरी से मार्च) में जाम से जुड़ी शिकायतों में लगभग 27 प्रतिशत की कमी आई है। बीते वर्ष जहाँ इस अवधि में 1,378 कंजेशन कॉल्स मिली थीं, वहीं इस साल यह संख्या घटकर मात्र 1,007 रह गई है। यह बदलाव बेहतर प्लानिंग और सड़क पर सख्त प्रवर्तन का परिणाम है।
इन इलाकों में ट्रैफिक हुआ ‘सुपरफास्ट’
उपायुक्त निशांत गुप्ता के नेतृत्व में सेंट्रल रेंज के विभिन्न सर्किलों में ट्रैफिक की स्थिति सुधरी है। आंकड़ों के मुताबिक, सिविल लाइंस सर्किल में सबसे अधिक 50 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। कोतवाली और दरियागंज जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी जाम की कॉल्स में 49 प्रतिशत की कमी आई है। तीस हजारी और राजपुर रोड जैसे क्षेत्रों में ट्रैफिक इंस्पेक्टर यशपाल भाटी की रणनीतिक तैनाती और स्टाफ की कड़ी मेहनत ने वाहनों की रफ्तार को पहले के मुकाबले काफी सुगम बना दिया है।
अतिक्रमण और अवैध पार्किंग पर चला डंडा
ट्रैफिक पुलिस की इस सफलता के पीछे कई बड़े कारण हैं। पुलिस ने गलत पार्किंग और सड़क किनारे होने वाले अवैध अतिक्रमण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। गलत दिशा में ड्राइविंग करने वालों और लेन अनुशासन तोड़ने वालों के भारी चालान किए गए हैं। इसके अलावा, सिग्नल मैनेजमेंट को आधुनिक तकनीकों से बेहतर बनाया गया है। पहाड़गंज, तिमारपुर और करोल बाग जैसे क्षेत्रों में भी औसतन 25 प्रतिशत तक जाम कम हुआ है, जिससे स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है।
बाजार क्षेत्रों में अभी भी बनी हुई है चुनौती
सकारात्मक सुधारों के बावजूद सदर बाजार और कमला मार्केट जैसे व्यापारिक केंद्रों में अभी भी चुनौतियां बरकरार हैं। इन इलाकों में मेट्रो निर्माण कार्य, व्यावसायिक वाहनों की भारी आवाजाही और मौसमी बदलावों के कारण ट्रैफिक कॉल्स में मामूली बढ़ोतरी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन ‘हॉटस्पॉट्स’ के लिए अलग से टारगेटेड योजनाएं बनाई जा रही हैं। आने वाले दिनों में इन व्यस्त बाजारों में भी डायवर्जन प्लान और कड़े नियमों के जरिए स्थिति को सुधारा जाएगा।
