New Delhi News: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वाशिंगटन डीसी में ‘व्हाइट हाउस’ के संवाददाताओं के रात्रिभोज के दौरान हुई फायरिंग की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप और उपराष्ट्रपति जे डी वेंस की सुरक्षा को लेकर राहत जताई है। पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एक स्वस्थ लोकतंत्र में हिंसा के लिए रत्ती भर भी स्थान नहीं होना चाहिए। उन्होंने इस कायराना हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है।
सोशल मीडिया पर पीएम मोदी का सख्त संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि वाशिंगटन डीसी के होटल में हुई इस घटना के बाद राष्ट्रपति ट्रंप और उनके सहयोगियों के सकुशल होने की खबर से उन्हें बड़ी राहत मिली है। मोदी ने उनके अच्छे स्वास्थ्य और निरंतर सुरक्षा की मंगल कामना भी की। प्रधानमंत्री ने वैश्विक मंच से यह कड़ा संदेश दिया कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए हिंसा की स्पष्ट भर्त्सना जरूरी है।
वाशिंगटन के होटल में आखिर हुआ क्या था?
वाशिंगटन में शनिवार रात आयोजित इस हाई-प्रोफाइल रात्रिभोज के दौरान अचानक अफरा-तफरी मच गई। घटना उस समय हुई जब हथियारों और चाकू से लैस एक संदिग्ध व्यक्ति होटल की लॉबी में घुस आया। वह सुरक्षा घेरा तोड़कर तेजी से उस बॉलरूम की तरफ बढ़ने लगा जहां अमेरिकी नेतृत्व मौजूद था। हालांकि, मुस्तैद सीक्रेट सर्विस एजेंटों ने उसकी चाल को भांप लिया। सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर को तत्काल चारों तरफ से घेरकर हिरासत में ले लिया और एक बड़ा हादसा टाल दिया।
बाल-बाल बचा अमेरिकी नेतृत्व और दिग्गज पत्रकार
इस घटना के बाद सीक्रेट सर्विस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अन्य विशिष्ट अतिथियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। गनीमत रही कि राष्ट्रपति ट्रंप पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें कोई शारीरिक चोट नहीं आई है। उस समय वहां उपराष्ट्रपति जे डी वेंस, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और विदेश मंत्री मार्को रुबियो जैसे दिग्गज नेता भी मौजूद थे। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है और मामले की गहन जांच जारी है।
लोकतंत्र और सुरक्षा पर उठते गंभीर सवाल
इस हमले की कोशिश ने अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीएम मोदी ने अपने संदेश में इसी बात पर जोर दिया कि राजनीतिक मतभेदों को सुलझाने के लिए गोलियों का सहारा लेना लोकतंत्र के विरुद्ध है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस घटना की कड़ी आलोचना हो रही है। फिलहाल वाशिंगटन पुलिस और सीक्रेट सर्विस हमलावर के इरादों और उसके संपर्कों का पता लगाने में जुटी है ताकि साजिश की तह तक पहुंचा जा सके।
