Himachal News: हिमाचल प्रदेश के रोहड़ू में नशे के खिलाफ पुलिस और न्यायपालिका ने बड़ी कार्रवाई की है। विशेष सत्र न्यायालय ने चिट्टा तस्करी के मामले में सूरज राणा को दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी को चार साल के कठोर कारावास और बीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला नशे के सौदागरों के लिए एक कड़ा सबक माना जा रहा है। रोहड़ू के एक निजी होटल में मौत का सामान बेचने वाले इस तस्कर को अब सलाखों के पीछे दिन गुजारने होंगे।
गुप्त सूचना पर पुलिस ने होटल में मारी थी रेड
यह पूरा मामला 14 नवंबर, 2023 का है, जब पुलिस को एक पुख्ता इनपुट मिला था। पुलिस को सूचना मिली थी कि रोहड़ू स्थित एक निजी होटल के कमरे से नशे का काला कारोबार चल रहा है। तुरंत हरकत में आते हुए पुलिस टीम ने होटल में दबिश दी। तलाशी के दौरान सूरज राणा के कब्जे से 10.34 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके पर ही मादक द्रव्य अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
14 गवाहों ने कोर्ट में खोल दी आरोपी की पोल
मामले की जांच एएसआई अशोक कुमार ने पूरी निष्ठा के साथ की थी। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से उप जिला न्यायवादी सुचित्रा अग्रवाल ने प्रभावी पैरवी की। सरकारी पक्ष ने आरोपी के खिलाफ कुल 14 गवाह पेश किए। इन गवाहों के बयानों और साक्ष्यों ने सूरज राणा के अपराध को पूरी तरह साबित कर दिया। बचाव पक्ष की दलीलों को खारिज करते हुए न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी पाया और सजा का ऐलान किया।
जुर्माना न भरने पर काटनी होगी अतिरिक्त जेल
न्यायालय ने सजा सुनाते समय साफ किया कि न्याय प्रक्रिया में ढिलाई की कोई जगह नहीं है। दोषी को चार साल की कड़ी कैद के साथ बीस हजार रुपये का आर्थिक दंड भी देना होगा। यदि दोषी यह जुर्माना समय पर जमा नहीं करता है, तो उसे एक साल की अतिरिक्त साधारण कैद भुगतनी होगी। पुलिस थाना रोहड़ू में दर्ज एफआईआर संख्या 197/23 के तहत हुई यह कार्रवाई अब इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
नशे के खिलाफ देवभूमि में कड़ा संदेश
हिमाचल प्रदेश में चिट्टा तस्करी की बढ़ती घटनाओं के बीच यह फैसला बहुत महत्वपूर्ण है। कानून के जानकारों का मानना है कि ऐसे सख्त फैसलों से समाज में पुलिस का इकबाल बुलंद होता है। नशे की गिरफ्त में जा रहे युवाओं को बचाने के लिए तस्करों पर ऐसी कार्रवाई जरूरी है। रोहड़ू पुलिस की इस सफलता और न्यायालय के त्वरित न्याय ने स्थानीय लोगों में विश्वास जगाया है। प्रशासन अब अन्य सक्रिय तस्करों पर भी नजर रख रहा है।
