Himachal News: देवभूमि हिमाचल में आपसी विवाद के दौरान दराट (दरांती) के इस्तेमाल की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। कांगड़ा जिले के पंचरुखी थाना क्षेत्र के अंतर्गत भरवाना पंचायत में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ महज घास काटने के मामूली विवाद ने इतना तूल पकड़ा कि चाची और भतीजे ने एक-दूसरे पर दराट से हमला कर दिया। इस खूनी संघर्ष में दोनों पक्षों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
घास काटने के विवाद ने लिया खूनी रूप
भुआणा गांव के वार्ड नंबर 2 में शनिवार को सपना और उसके भतीजे राजकुमार के बीच कहासुनी शुरू हुई। विवाद की जड़ खेतों में घास काटना बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देखते ही देखते दोनों पक्ष हिंसक हो गए और पास रखे दराट उठा लिए। दोनों ने एक-दूसरे पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में सपना के माथे पर गहरा घाव हुआ है, जबकि राजकुमार के गले पर चोट आई है।
लहूलुहान हालत में थाने पहुंचे दोनों पक्ष
घटना के तुरंत बाद दोनों पक्ष घायल अवस्था में ही पंचरुखी पुलिस थाने पहुंच गए। पीड़ितों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस को शिकायत सौंपी। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता लेने के निर्देश दिए। पुलिस ने दोनों को नागरिक अस्पताल पालमपुर जाकर मेडिकल करवाने की सलाह दी। इसके बाद दोनों घायल खुद ही अस्पताल पहुंचे, जहां उनका उपचार और मेडिकल परीक्षण किया गया।
इलाके में दराट हमलों से बढ़ी चिंता
कांगड़ा के ग्रामीण इलाकों में दराट से हमले की बढ़ती घटनाएं पुलिस प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटी-छोटी बातों पर हथियारों का इस्तेमाल सामाजिक माहौल को बिगाड़ रहा है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि विवाद की असली वजह क्या थी और किसने पहले हमला किया। फिलहाल दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज कर ली गई है और पुलिस मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
पुलिस की कार्रवाई और आगामी जांच
पंचरुखी पुलिस ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस गांव के अन्य लोगों से भी इस झगड़े के बारे में पूछताछ कर रही है। पारिवारिक कलह और जमीनी विवादों में बढ़ती हिंसा को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। घायलों की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनी रहे।
