Himachal News: हिमाचल प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में माफिया राज को जड़ से खत्म किया जाए। सरकार ने पुलिस को पूरी तरह ‘फ्री हैंड’ दे दिया है ताकि अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा हो। डिप्टी सीएम ने चेतावनी दी है कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।
सिफारिश करने वाले नेताओं के नाम होंगे सार्वजनिक
डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश देते हुए एक बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि यदि कोई राजनेता किसी माफिया या अपराधी को बचाने के लिए सिफारिश करता है, तो पुलिस उस नेता का नाम सार्वजनिक करे। सरकार माफिया को किसी भी प्रकार का संरक्षण नहीं देगी। अग्निहोत्री के अनुसार, पुलिस को बिना किसी दबाव के अपने स्तर पर त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए ताकि जनता का विश्वास कानून व्यवस्था पर बना रहे।
चिट्टा और अवैध खनन माफिया पर होगी स्ट्राइक
सरकार का मुख्य फोकस नशा तस्करी, अवैध खनन और फिरौती जैसे गंभीर अपराधों पर है। डिप्टी सीएम ने कहा कि पुलिस को चिट्टा माफिया और जुआ माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनानी होगी। उन्होंने अधिकारियों से फील्ड में मुस्तैद रहने और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने को कहा है। पुलिस ने पहले भी कई बड़ी गिरफ्तारियां की हैं, लेकिन अब और अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है ताकि अपराधों पर पूरी तरह अंकुश लगे।
पुलिस के काम का सरकार पर पड़ता है सीधा असर
अग्निहोत्री ने पुलिस की कार्यप्रणाली का जिक्र करते हुए कहा कि जब विभाग बेहतर काम करता है, तो उसकी हर जगह सराहना होती है। इसके विपरीत, यदि पुलिस का काम कमजोर पड़ता है, तो इसका खामियाजा सीधे तौर पर सरकार को भुगतना पड़ता है। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों को उनकी पोस्ट की गरिमा के अनुसार जिम्मेदारी निभाने को कहा है। अपराध मुक्त प्रदेश बनाने के लिए पुलिस का कड़ा रुख अपनाना अब समय की मांग बन गया है।
ट्रैफिक नियमों का पालन और जनभागीदारी जरूरी
उप-मुख्यमंत्री ने आम नागरिकों से भी कानून का सम्मान करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक नियम लोगों की जान बचाने के लिए बनाए गए हैं। जब पुलिस चालान काटती है, तो लोग उसे मुद्दा बना देते हैं, जो गलत है। हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह नियमों का पालन करे और पुलिस का सहयोग करे। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को देनी चाहिए ताकि समय रहते बड़ी वारदातों को टाला जा सके।
