Delhi News: दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में अप्रैल के महीने में ही भीषण गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। चिलचिलाती धूप और लू के बढ़ते प्रकोप के बीच अभिभावक और छात्र गर्मी की छुट्टियों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। मौसम विभाग ने इस साल रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ने का पूर्वानुमान जारी किया है। इसे देखते हुए शिक्षा विभाग स्कूलों में समय से पहले समर वेकेशन घोषित करने पर विचार कर रहा है।
दिल्ली के स्कूलों में कब से होगी छुट्टियां?
दिल्ली के सरकारी और निजी स्कूलों में आमतौर पर मई के मध्य से छुट्टियां शुरू होती हैं। शैक्षणिक कैलेंडर 2026 के अनुसार, इस साल 15 मई के आसपास समर वेकेशन शुरू होने की प्रबल संभावना है। हालांकि, छोटे बच्चों यानी नर्सरी से पांचवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए राहत की खबर आ सकती है। बढ़ती तपिश को देखते हुए प्रशासन मई के पहले हफ्ते से ही प्राथमिक कक्षाओं को बंद करने का आदेश दे सकता है।
नोएडा और गाजियाबाद में प्रशासन का क्या है प्लान?
उत्तर प्रदेश के नोएडा और गाजियाबाद में स्कूलों की छुट्टियां जिला मजिस्ट्रेट के विवेक पर निर्भर करती हैं। वर्तमान योजना के मुताबिक, यहां 20 मई 2026 के बाद ही समर वेकेशन का ऐलान किया जाएगा। लेकिन अगर तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचता है, तो प्रशासन तुरंत स्कूलों के समय में बदलाव कर सकता है। ऐसी स्थिति में स्कूलों को समय से पहले बंद करने के लिए विशेष सर्कुलर जारी किया जाएगा।
गुरुग्राम और फरीदाबाद का समर वेकेशन शेड्यूल
हरियाणा सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्य के सभी स्कूलों में 1 जून से 30 जून तक छुट्टियां निर्धारित हैं। हालांकि, गुरुग्राम और फरीदाबाद के बड़े प्राइवेट स्कूल अक्सर मई के अंतिम सप्ताह से ही बच्चों को अवकाश दे देते हैं। इस साल भी निजी स्कूल अपने स्तर पर जल्दी छुट्टियां घोषित करने का ट्रेंड दोहरा सकते हैं। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे स्कूल के आधिकारिक मैसेज का इंतजार करें।
भीषण हीटवेव को लेकर शिक्षा विभाग का अलर्ट
मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मई और जून के दौरान लू के थपेड़े पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। इसे देखते हुए शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को आउटडोर गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। गर्मी असहनीय होने की स्थिति में दिल्ली सरकार ‘अर्ली समर वेकेशन’ या कुछ दिनों के लिए ऑनलाइन कक्षाओं का विकल्प भी अपना सकती है। सरकार बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दे रही है।
