New Delhi News: मिडिल ईस्ट में इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच गहराते युद्ध के संकट ने भारत की चिंताएं बढ़ा दी हैं। भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति श्रृंखला पर बुरा असर पड़ रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित बाधाओं को देखते हुए केंद्र सरकार और तेल कंपनियां सतर्क हो गई हैं। भविष्य में एलपीजी की किल्लत से बचने के लिए इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस ने बुकिंग प्रक्रिया में बड़े बदलाव की तैयारी कर ली है।
LPG बुकिंग के लिए लागू होगा 25 दिनों का अनिवार्य अंतर
आगामी 1 मई 2026 से घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं को नए नियमों का पालन करना होगा। प्रस्तावित बदलावों के तहत अब एक सिलेंडर बुक करने के बाद दूसरी बुकिंग के लिए कम से कम 25 दिनों का इंतजार अनिवार्य कर दिया जाएगा। सरकार का प्राथमिक उद्देश्य गैस की संभावित जमाखोरी को रोकना और सभी परिवारों तक समान आपूर्ति सुनिश्चित करना है। यह नियम उन बड़े परिवारों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है, जिन्हें महीने में एक से अधिक सिलेंडर की आवश्यकता पड़ती है।
सुरक्षित डिलीवरी के लिए अनिवार्य होगा ओटीपी सिस्टम
गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए अब ओटीपी आधारित डिलीवरी मैकेनिज्म को पूरी तरह अनिवार्य बनाया जा रहा है। सिलेंडर की डिलीवरी के समय उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक विशेष कोड भेजा जाएगा। जब तक ग्राहक डिलीवरी पार्टनर को वह ओटीपी नहीं बताएगा, तब तक गैस सिलेंडर नहीं दिया जाएगा। इस सख्त प्रक्रिया से सिलेंडरों की कालाबाजारी पर लगाम लगेगी। साथ ही, यह सुनिश्चित होगा कि सब्सिडी और लाभ केवल वास्तविक पंजीकृत उपभोक्ता तक ही पहुंचे।
भारत की भारी मांग और आयात पर बढ़ती निर्भरता
आंकड़ों के अनुसार, भारत को अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए लगभग 80,000 टन एलपीजी की आवश्यकता होती है। हालांकि, देश के भीतर घरेलू उत्पादन केवल 46,000 टन प्रतिदिन तक ही सीमित है। इस विशाल अंतर को पाटने के लिए भारत को बड़े पैमाने पर आयात करना पड़ता है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को देखते हुए, भारत ने अपनी रणनीति बदलते हुए अब अमेरिका, नॉर्वे, रूस और कनाडा से भी एलपीजी खरीदना शुरू कर दिया है ताकि ऊर्जा सुरक्षा बनी रहे।
