Delhi News: राजधानी की सड़कों पर बेलगाम यातायात को सुधारने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने शनिवार को एक बड़ा एक्शन प्लान लागू किया। महज तीन घंटे के भीतर चलाए गए इस सघन जांच अभियान में नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 11,800 वाहन चालकों के चालान काटे गए। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई का मुख्य केंद्र गलत दिशा (रॉन्ग साइड) में वाहन चलाने वाले और अवैध पार्किंग करने वाले लोग रहे। इन लापरवाहियों की वजह से दिल्ली में रोजाना भीषण जाम और घातक सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
पूरी दिल्ली में एक साथ सभी रेंज में हुई छापेमारी
ट्रैफिक पुलिस की अतिरिक्त आयुक्त विजयांता गोयल आर्या के नेतृत्व में यह अभियान दिल्ली के सभी जिलों और रेंज में एक साथ शुरू किया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह एक ‘सरप्राइज चेक’ था ताकि किसी भी उल्लंघनकर्ता को बचने का मौका न मिले। पुलिस की टीमें प्रमुख चौराहों, बाजारों और एक्सीडेंट प्रोन एरिया (दुर्घटना संभावित क्षेत्रों) में तैनात रहीं। इस रणनीतिक कार्रवाई का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना और यातायात में आने वाली बाधाओं को जड़ से खत्म करना है।
अवैध पार्किंग करने वालों पर टूटा पुलिस का कहर
अभियान के दौरान सबसे ज्यादा कार्रवाई उन लोगों पर हुई जो सड़कों और बाजारों में कहीं भी वाहन खड़ा कर देते हैं। पुलिस ने नो-पार्किंग जोन, फुटपाथ और सर्विस लेन में बेतरतीब खड़े वाहनों के खिलाफ सख्ती दिखाते हुए 8,500 से अधिक चालान जारी किए। कई वाहनों को मौके से क्रेन के जरिए हटाया भी गया। इस कार्रवाई के बाद राजधानी के कई व्यस्त व्यापारिक क्षेत्रों और मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक की आवाजाही में तत्काल सुधार महसूस किया गया।
रॉन्ग साइड ड्राइविंग: समय का ‘शॉर्टकट’ पड़ा महंगा
दिल्ली में गलत दिशा से वाहन चलाने की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकने के लिए पुलिस ने विशेष निगरानी रखी। इस दौरान 3,500 से ज्यादा ऐसे चालकों को पकड़ा गया जो समय बचाने के चक्कर में दूसरों की जान जोखिम में डाल रहे थे। इसमें दोपहिया वाहन, ई-रिक्शा और भारी व्यावसायिक वाहन भी शामिल थे। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल राजस्व जुटाने के लिए नहीं है, बल्कि लोगों की मानसिकता बदलने और सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा देने के लिए है।
