New Delhi News: दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शनिवार देर रात एक बड़ा विमान हादसा टल गया। ज्यूरिख जाने वाली स्विस एयरलाइंस की उड़ान संख्या LX147 में टेक-ऑफ के दौरान अचानक जोरदार धमाका हुआ। विमान उस समय रनवे पर 190 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रहा था। इस घटना के बाद केबिन में तेजी से धुआं भरने लगा, जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गया। चालक दल की तत्परता और पायलटों की सूझबूझ से सभी 232 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया।
टेक-ऑफ से ठीक पहले इंजन में लगी भीषण आग
विमान में सवार यात्री आकर्ष ने सोशल मीडिया पर इस खौफनाक मंजर को बयां किया है। उन्होंने बताया कि विमान की रफ्तार 104 नॉट तक पहुंच चुकी थी और वह उड़ने ही वाला था। तभी एक कान फोड़ देने वाला धमाका हुआ और पंखों के पास आग की लपटें दिखने लगीं। पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाए। केबिन में धुआं भरते ही क्रू ने ‘इवैक्युएट’ की कमांड दी और इमरजेंसी स्लाइड के जरिए यात्रियों को बाहर निकाला गया।
पायलटों की तारीफ पर ग्राउंड रिस्पांस पर उठे सवाल
यात्री आकर्ष ने जहां पायलटों की बहादुरी की जमकर सराहना की, वहीं एयरपोर्ट के ग्राउंड मैनेजमेंट की आलोचना भी की। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षित बाहर निकलने के बाद यात्री रनवे पर लंबे समय तक बिना जानकारी के खड़े रहे। उनके अनुसार, भारी मैनपावर होने के बाद भी समन्वय की कमी दिखी। हालांकि, एयरलाइंस ने बाद में यात्रियों की री-बुकिंग और रिशेड्यूल का काम तेजी से किया, जिससे यात्रियों को थोड़ी राहत महसूस हुई।
डायल ने आरोपों को नकारा, बताई अपनी तत्परता
दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) ने यात्री द्वारा लगाए गए लापरवाही के आरोपों पर असहमति जताई है। डायल ने स्पष्ट किया कि सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल था। यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष इमिग्रेशन काउंटर तुरंत खोल दिए गए थे ताकि वे जल्दी होटल जा सकें। प्रशासन का दावा है कि यात्रियों को टर्मिनल तक लाने के लिए बसों का प्रबंध भी रिकॉर्ड समय में किया गया था।
विमानों में तकनीकी खराबी की बढ़ती घटनाएं
पिछले कुछ महीनों में विमानों के इंजन में तकनीकी खराबी की घटनाओं में इजाफा हुआ है। मार्च 2026 में विशाखापत्तनम से दिल्ली आ रहे इंडिगो विमान का इंजन फेल हुआ था। वहीं जनवरी 2026 में पेरिस-दिल्ली उड़ान को कजाकिस्तान में डायवर्ट करना पड़ा था। वर्ष 2025 में भी एयर इंडिया एक्सप्रेस और स्पाइसजेट जैसी एयरलाइंस के विमानों में आग और धुआं निकलने की खबरें सामने आई थीं, जो सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाती हैं।
