Delhi News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने स्वदेशी तकनीक से निर्मित परमाणु रिएक्टर की सफलता से लेकर जनगणना के नए डिजिटल स्वरूप तक कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। पीएम मोदी ने वन्यजीव संरक्षण, पूर्वोत्तर के बांस क्षेत्र और भारतीय स्वाद की अंतरराष्ट्रीय पहचान जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने देश की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए नागरिकों से स्वच्छ ऊर्जा अपनाने का आह्वान किया।
भारत की परमाणु शक्ति और कलपक्कम की ऐतिहासिक उपलब्धि
प्रधानमंत्री ने देश के परमाणु वैज्ञानिकों की सराहना करते हुए इसे भारत के लिए गौरव का क्षण बताया। तमिलनाडु के कलपक्कम में ‘फास्ट ब्रीडर रिएक्टर’ ने क्रिटिकल स्थिति हासिल कर ली है, जो भारत की ऊर्जा यात्रा में एक मील का पत्थर है। यह रिएक्टर पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से तैयार किया गया है, जो आत्मनिर्भर भारत की ताकत को दर्शाता है। पीएम मोदी ने कहा कि यह उपलब्धि भविष्य में बिजली की जरूरतों को सुरक्षित और स्वच्छ तरीके से पूरा करेगी।
जनगणना 2026: अब घर बैठे दर्ज कर सकेंगे अपनी जानकारी
देश में होने वाली आगामी जनगणना को लेकर प्रधानमंत्री ने एक बड़ी जानकारी साझा की। अब ‘सेल्फ-एन्यूमरेशन’ यानी स्वयं-गणना की सुविधा के जरिए नागरिक अपनी जानकारी खुद दर्ज कर सकेंगे। यह डिजिटल सुविधा गणना कर्मी के घर आने से 15 दिन पहले ही नागरिकों के लिए खुल जाएगी। अब तक करीब 1 करोड़ 20 लाख परिवारों की ‘हाउस लिस्टिंग’ का काम पूरा हो चुका है। सरकार का उद्देश्य इस पूरी प्रक्रिया को तकनीकी रूप से आसान और पारदर्शी बनाना है।
पूर्वोत्तर की ‘अष्टलक्ष्मी’ और बांस क्रांति का नया युग
पूर्वोत्तर भारत के विकास पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह क्षेत्र हमारे लिए ‘अष्टलक्ष्मी’ के समान है। साल 2017 में कानून बदलकर बांस को ‘पेड़’ की श्रेणी से बाहर करने के फैसले ने इस क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है। आज नॉर्थ-ईस्ट में बांस का कारोबार फल-फूल रहा है और स्थानीय लोगों को बड़े स्तर पर रोजगार मिल रहा है। प्रधानमंत्री ने इसे आर्थिक आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संतुलन का एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया।
वन्यजीव संरक्षण और गोडावण पक्षी की वापसी की कहानी
पर्यावरण और वन्यजीवों के प्रति अपनी चिंता जताते हुए पीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों में हाथियों और इंसानों के बीच टकराव को कम करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के जंगलों में काले हिरणों की संख्या बढ़ रही है। वहीं, कभी लुप्तप्राय होने की कगार पर खड़े ‘ग्रेट इंडियन बस्टर्ड’ (गोडावण) की संख्या में भी सुधार हो रहा है। यह प्रकृति प्रेम और संरक्षण के प्रति भारत की सामूहिक इच्छाशक्ति का परिणाम है।
भारतीय ‘Cheese’ का वैश्विक जलवा और बुद्ध का संदेश
ब्राजील में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में दो भारतीय ‘Cheese’ ब्रांड्स को मिले पुरस्कारों की पीएम ने विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत में दुग्ध उत्पादों की जो विविधता है, उसकी चर्चा आज पूरी दुनिया में हो रही है। इसके साथ ही उन्होंने चिली में भगवान बुद्ध के विचारों का प्रचार करने वाली संस्था का जिक्र किया। पीएम ने जोर दिया कि वर्तमान वैश्विक तनाव के बीच बुद्ध के शांति और करुणा के विचार ही दुनिया को सही रास्ता दिखा सकते हैं।
मैथमेटिकल ओलंपियाड में बेटियों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
शिक्षा और प्रतिभा पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने फ्रांस के बोर्डो में आयोजित ‘यूरोपीय गर्ल्स मैथमेटिकल ओलंपियाड’ का उल्लेख किया। इस प्रतियोगिता में भारतीय बेटियों ने अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर तिरंगा लहराया है। पीएम ने कहा कि भारत में ओलंपियाड के लिए चयन प्रक्रिया अत्यंत कठिन होती है, फिर भी हमारी बेटियों ने अपनी मेधा से इसे साबित किया। उन्होंने सिलीगुड़ी के छात्र चंदन मलिक की कलाकारी और मेहनत की भी जमकर तारीफ की।
