Maharashtra News: मुंबई के खार इलाके में रविवार को उस समय भारी राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला, जब आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के आवास के बाहर बड़ी संख्या में एकत्र हो गए। चड्ढा के बीजेपी में शामिल होने के फैसले से नाराज कार्यकर्ता हाथों में ‘गद्दार’ लिखी तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। स्थिति को बिगड़ते देख मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। पुलिस ने हंगामे को शांत करने के लिए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर वैन में बिठाया।
राघव चड्ढा के घर के बाहर हाई-वोल्टेज ड्रामा
विरोध प्रदर्शन की तीव्रता को देखते हुए मुंबई पुलिस ने पहले ही चड्ढा के घर के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए थे। आप कार्यकर्ताओं ने पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर वीडियो साझा किए हैं। इनमें पुलिस अधिकारियों को प्रदर्शनकारियों से जूझते और उन्हें काबू में करने की कोशिश करते देखा जा सकता है। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा ने उस भरोसे को तोड़ा है, जो लाखों कार्यकर्ताओं ने उन पर दिखाया था। इलाके में अभी भी तनाव का माहौल बना हुआ है।
AAP संस्थापक सदस्य का गंभीर आरोप: ‘भटक गई है पार्टी’
शुक्रवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राघव चड्ढा ने अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी को उन्होंने 15 साल तक खून-पसीने से सींचा, वह अब अपने मूल संस्थापक सिद्धांतों से पूरी तरह दूर हो गई है। चड्ढा के अनुसार, पार्टी अब जन कल्याण के बजाय केवल निजी फायदों और स्वार्थों के लिए काम कर रही है। उन्होंने साफ कहा कि अब यह दल देश हित में काम करने के लायक नहीं बचा है।
संविधान के बहाने दो-तिहाई सांसदों का सामूहिक दलबदल
राघव चड्ढा ने दावा किया कि यह केवल उनका व्यक्तिगत निर्णय नहीं है, बल्कि आप के दो-तिहाई राज्यसभा सांसदों ने सामूहिक रूप से बीजेपी में विलय का फैसला किया है। उन्होंने संवैधानिक प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि पर्याप्त संख्या होने के कारण वे कानूनी रूप से बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। दिल्ली और पंजाब में पार्टी को खड़ा करने में अपनी अहम भूमिका को याद करते हुए चड्ढा ने इस कदम को देश के व्यापक हित में उठाया गया कदम बताया।
विचारधारा से विश्वासघात पर आम आदमी पार्टी का पलटवार
दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी के नेतृत्व ने इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी निंदा की है। वरिष्ठ नेताओं ने राघव चड्ढा के इस कदम को पार्टी की विचारधारा और कार्यकर्ताओं के साथ किया गया सबसे बड़ा विश्वासघात करार दिया है। पार्टी का कहना है कि सत्ता के लालच में सिद्धांतों की बलि दी गई है। मुंबई और पंजाब सहित देश के कई हिस्सों में चड्ढा के खिलाफ गुस्सा देखा जा रहा है। पुलिस प्रशासन किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए चड्ढा के आवास के आसपास निरंतर गश्त कर रहा है।
