New Delhi News: सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग के नए नियम बनाए हैं। ये नियम एक मई से लागू होंगे। अब पैसों वाले ऑनलाइन गेम्स पर पूरी तरह बैन लग गया है। ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स को कानूनी मान्यता मिल गई है। सरकार का मकसद गेमर्स की सुरक्षा करना है। नए नियमों से भारतीय गेमिंग इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव आएगा। यह कदम युवाओं को बुरी लत और आर्थिक नुकसान से बचाएगा।
गेमिंग अथॉरिटी करेगी निगरानी
नए नियमों के तहत एक विशेष ‘ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ का गठन किया गया है। यह छह सदस्यों वाली संस्था गेमिंग कंपनियों पर कड़ी नजर रखेगी। पैसों वाले अवैध खेलों को तुरंत ब्लॉक कर दिया जाएगा। अथॉरिटी बैंकों के साथ मिलकर काम करेगी ताकि अवैध लेनदेन को रोका जा सके। गेमिंग कंपनियों को नियमों का पालन न करने पर भारी जुर्माना देना होगा। इस निगरानी प्रणाली से ऑनलाइन धोखाधड़ी में भारी कमी आएगी।
ई-स्पोर्ट्स के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी
ई-स्पोर्ट्स को अब एक असली खेल का दर्जा मिल गया है। लेकिन सभी कंपनियों को इसके लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। सफल रजिस्ट्रेशन के बाद कंपनी को दस साल तक का डिजिटल सर्टिफिकेट मिलेगा। कोई भी पैसों वाला गेम ई-स्पोर्ट्स के रूप में रजिस्टर नहीं हो सकेगा। इससे बाजार में केवल असली और सुरक्षित गेम ही उपलब्ध रहेंगे। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया नब्बे दिनों के भीतर पूरी की जाएगी। यह फैसला खेल के विकास में मदद करेगा।
यूजर की सुरक्षा सबसे अहम
सरकार ने गेम खेलने वालों की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखा है। गेमिंग प्लेटफॉर्म्स को अब उम्र जांचने की सख्त व्यवस्था करनी होगी। बच्चों को ज्यादा गेम खेलने से रोकने के लिए समय सीमा भी तय की जाएगी। माता-पिता को गेम पर नजर रखने के लिए विशेष कंट्रोल टूल्स दिए जाएंगे। अगर किसी खिलाड़ी को कोई परेशानी होती है, तो उसे तुरंत समाधान मिलेगा। इसके लिए एक अलग शिकायत निवारण केंद्र भी बनाया जाएगा।
