New Delhi News: देश भर में एक मई 2026 से रसोई गैस सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी के नियम पूरी तरह बदल रहे हैं। तेल कंपनियों ने गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए यह सख्त कदम उठाया है। अब ग्राहकों को गैस बुकिंग के लिए नई प्रक्रिया अपनानी होगी। डिलीवरी के समय एक खास ऑथेंटिकेशन कोड दिखाना अनिवार्य होगा। इसके बिना डिलीवरी बॉय आपको गैस सिलेंडर नहीं देगा। यह नया नियम सभी घरेलू गैस उपभोक्ताओं पर सख्ती से लागू होगा।
डिलीवरी के लिए कोड दिखाना हुआ अनिवार्य
गैस सिलेंडर की सही ग्राहक तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए नई व्यवस्था लागू की जा रही है। एक मई से डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) प्रणाली शुरू होगी। गैस बुक करते ही आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा। जब डिलीवरी बॉय आपके घर सिलेंडर लेकर आएगा, तब आपको वह ओटीपी उसे बताना होगा। ओटीपी सिस्टम में दर्ज होने के बाद ही आपको गैस सिलेंडर सौंपा जाएगा।
गलत मोबाइल नंबर होने पर नहीं मिलेगी गैस
अगर आपका मोबाइल नंबर गैस एजेंसी में अपडेट नहीं है, तो तुरंत करवा लें। पुराना या गलत नंबर होने पर आपको ओटीपी नहीं मिलेगा। ऐसी स्थिति में आपकी गैस बुकिंग स्वतः रद्द मानी जाएगी। तेल कंपनियों ने सभी ग्राहकों को अपना केवाईसी (KYC) पूरा करने का निर्देश दिया है। आप डिलीवरी बॉय के ऐप के जरिए भी अपना मोबाइल नंबर तुरंत अपडेट करवा सकते हैं। इससे गैस आपूर्ति सुचारू रहेगी।
कालाबाजारी पर लगेगी लगाम, ग्राहकों को फायदा
नए नियमों का मुख्य उद्देश्य घरेलू गैस की कालाबाजारी को पूरी तरह रोकना है। अक्सर घरेलू सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग गैरकानूनी रूप से किया जाता है। ओटीपी व्यवस्था से गैस की चोरी पकड़ना काफी आसान हो जाएगा। केवल वास्तविक उपभोक्ता को ही सब्सिडी वाले सिलेंडर का लाभ मिलेगा। सरकार की इस पहल से आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। गैस बुकिंग की पूरी प्रक्रिया अब पहले से ज्यादा पारदर्शी होगी।
व्हाट्सएप और मिस्ड कॉल से भी आसान बुकिंग
ग्राहकों की सुविधा के लिए गैस कंपनियों ने बुकिंग प्रक्रिया को आधुनिक बनाया है। अब आप अपने पंजीकृत नंबर से व्हाट्सएप के जरिए भी गैस बुक कर सकते हैं। इसके अलावा मिस्ड कॉल सुविधा भी चौबीस घंटे उपलब्ध है। आईवीआरएस (IVRS) प्रणाली को भी अपग्रेड किया गया है ताकि सर्वर धीमा न हो। इन सभी डिजिटल माध्यमों से बुकिंग करने पर तुरंत आपके फोन पर कोड आ जाएगा।
