Maharashtra News: नासिक के बहुचर्चित टीसीएस धर्मांतरण मामले में एसआईटी (SIT) की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जांच अधिकारियों को पीड़िता को जबरन ‘हनिया’ बनाने और मलेशिया भेजने की गहरी साजिश के सबूत मिले हैं। मुख्य आरोपी निदा खान ने पीड़िता का ब्रेनवाश करने के लिए उसके मोबाइल में कई इस्लामिक ऐप डाउनलोड करवाए थे। पुलिस ने पीड़िता को दिए गए बुर्के और धार्मिक किताबों को जब्त कर लिया है। इस मामले में अब अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की आशंका जताई जा रही है।
इंटरनेशनल सिंडिकेट और मलेशिया कनेक्शन का खुलासा
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पीड़िता को मलेशिया भेजने का पूरा जाल बुना था। वहां उसे ‘इमरान’ नामक व्यक्ति के पास काम पर भेजने की योजना थी। जब पीड़िता को पता चला कि आरोपी दानिश शेख पहले से शादीशुदा है, तो उसे विदेश में बड़ी नौकरी का लालच दिया गया। आरोपियों ने पीड़िता के शैक्षणिक दस्तावेज भी अपने कब्जे में ले लिए थे। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस साजिश के पीछे किन अंतरराष्ट्रीय ताकतों का हाथ है।
सोशल मीडिया और ऐप के जरिए ‘डिजिटल धर्मांतरण’
मुख्य आरोपी निदा खान पर पीड़िता को डराने और धार्मिक भावनाएं आहत करने के गंभीर आरोप हैं। निदा लगातार पीड़िता को यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर कट्टरपंथी धार्मिक सामग्री के लिंक भेजती थी। डिजिटल साक्ष्यों के अनुसार, पीड़िता के फोन में खास तौर पर इस्लामिक एप्लिकेशन इंस्टॉल किए गए थे। पुलिस अब इन डिजिटल फुटप्रिंट्स के जरिए आरोपियों के आर्थिक मददगारों की तलाश कर रही है। आरोपियों को पनाह देने वाले मालेगांव के संदिग्धों पर भी पुलिस की पैनी नजर है।
यौन शोषण, धमकी और एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई
एसआईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य आरोपी दानिश शेख ने शादी का झांसा देकर पीड़िता का शारीरिक शोषण किया। वहीं, दूसरा आरोपी तौसिफ बिलाल अत्तार पीड़िता के निजी संबंधों को उजागर करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल कर रहा था। चूंकि पीड़िता अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखती है, इसलिए पुलिस ने मामले में एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी हैं। आरोपियों के खिलाफ जबरन धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने और डराने-धमकाने के पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं।
अब तक 8 मामले दर्ज, कई और पीड़ितों के सामने आने की उम्मीद
नासिक पुलिस को अंदेशा है कि इस गिरोह ने कंपनी की अन्य महिलाओं को भी निशाना बनाया होगा। अब तक इस मामले में कुल 8 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं, जिनमें 7 महिलाएं और 1 पुरुष शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपी दानिश और तौसिफ का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से ही खराब रहा है। उनके खिलाफ देवळाली कैंप और मुंबई नाका पुलिस स्टेशनों में भी मामले दर्ज हैं। एसआईटी अब कंपनी के अन्य कर्मचारियों और गवाहों के बयान दर्ज कर रही है ताकि पूरे रैकेट को बेनकाब किया जा सके।
