असम के रिहैब सेंटर में धर्मांतरण का खौफनाक खेल: गोमांस खाने का दबाव और लोहे की रॉड से पिटाई, जानें पूरी हकीकत

Assam News: असम के धुबरी जिले में एक नशा मुक्ति केंद्र (रिहैब सेंटर) के भीतर धर्मांतरण और क्रूरता का रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। गौरीपुर स्थित ‘निबारन’ रिहैब सेंटर में हिंदू मरीजों को जबरन इस्लाम कबूल करवाने के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। पुलिस ने 24 अप्रैल 2026 की रात छापेमारी कर केंद्र से 9 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। इस मामले में पुलिस ने अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी जाहिरुल शेख अभी भी फरार चल रहा है।

5 युवकों के छत से कूदने के बाद हुआ खुलासा

धर्मांतरण के इस काले खेल का पर्दाफाश तब हुआ जब प्रताड़ना से तंग आकर 5 युवकों ने सेंटर की ऊंची इमारत से छलांग लगा दी। युवकों के भागने की खबर मिलते ही पुलिस ने फौरन दबिश दी और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। इनमें से तीन युवकों की हालत काफी गंभीर बनी हुई है। पूछताछ में पीड़ितों ने बताया कि उन्हें ‘बेहतर इलाज’ के बहाने भर्ती किया गया था। लेकिन अंदर उन्हें मजहब बदलने के लिए विवश किया गया और मना करने पर लोहे की छड़ों से पीटा गया।

गोमांस खाने का दबाव और तालिबानी प्रताड़ना

पीड़ितों ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि सेंटर के भीतर उन पर गोमांस खाने का भारी दबाव बनाया जाता था। यदि कोई हिंदू मरीज इसका विरोध करता, तो स्टाफ उसे प्लास्टिक के पाइप और लोहे की रॉड से बुरी तरह पीटता था। एक पीड़ित ने बताया कि उसके पैर के तलवों पर पाइप से वार किए गए। इतना ही नहीं, उन्हें खाने में केवल बिना नमक के उबले आलू और चावल दिए जाते थे। बीमार होने पर दवा मांगने पर उन्हें शारीरिक दंड दिया जाता था।

3 साल से अवैध रूप से चल रहा था ‘मौत का सेंटर’

पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि ‘निबारन’ रिहैब सेंटर पिछले तीन वर्षों से बिना किसी वैध पंजीकरण या लाइसेंस के चल रहा था। प्रशासनिक लापरवाही का फायदा उठाकर यहां मरीजों के परिजनों से हर महीने 12,000 रुपये वसूले जाते थे। हालांकि, मरीजों की देखभाल और भोजन पर केवल 2,000 रुपये ही खर्च होते थे। केंद्र के भीतर मरीजों से स्टाफ के कपड़े धुलवाने और शौचालय साफ करवाने जैसा बंधुआ मजदूरी का काम भी जबरन कराया जाता था।

मुख्य आरोपी जाहिरुल शेख की तलाश में जुटी पुलिस

धुबरी पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार मुख्य आरोपी जाहिरुल शेख की गिरफ्तारी के लिए दबिश तेज कर दी है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी रोष है और वे आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे हैं। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस सेंटर को विदेशी फंडिंग मिल रही थी। फिलहाल, रेस्क्यू किए गए पीड़ितों का इलाज जारी है और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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