India Business: भारतीय वायदा बाजार (MCX) में सोमवार, 27 अप्रैल को सोने और चांदी की कीमतों में फिर से उछाल देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी अनिश्चितता और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर धकेला है। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोने का भाव 246 रुपये की तेजी के साथ 1,52,945 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, चांदी ने भी 764 रुपये की बड़ी छलांग लगाते हुए 2,45,400 रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर छू लिया है।
अमेरिकी डॉलर की मजबूती और महंगाई की आशंका ने बिगाड़ा खेल
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से पीली धातु की चमक थोड़ी फीकी पड़ी है। बावजूद इसके, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,743 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने दुनिया भर में महंगाई बढ़ने की चिंताओं को और गहरा कर दिया है। इसी के चलते निवेशकों को अब आशंका है कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर रख सकते हैं। अमेरिका और ईरान के बीच जारी गतिरोध भी बाजार में अस्थिरता का मुख्य कारण बना हुआ है।
महानगरों में सोने का हाल: चेन्नई में सबसे महंगा बिक रहा गोल्ड
राजधानी दिल्ली में आज 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 1,54,180 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। वहीं, 22 कैरेट सोने का भाव लगभग 1,41,340 रुपये प्रति 10 ग्राम चल रहा है। मुंबई और कोलकाता जैसे प्रमुख महानगरों में भी भाव ऊंचे बने हुए हैं, जहां 24 कैरेट गोल्ड का रेट 1,54,030 रुपये के करीब है। दक्षिण भारत के चेन्नई में सोने की कीमतें सबसे ज्यादा देखी जा रही हैं, जहां शुद्ध सोने का भाव 1,54,900 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच चुका है।
चांदी की कीमतों ने पकड़ी रफ्तार, कई शहरों में एक समान भाव
चांदी की चमक भी कम होने का नाम नहीं ले रही है और इसने औद्योगिक मांग के साथ-साथ निवेश के रूप में भी अपनी पैठ बनाई है। दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, कोलकाता और चंडीगढ़ जैसे शहरों में चांदी का भाव करीब 2,59,900 रुपये प्रति किलो के ऊंचे स्तर पर स्थिर है। उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रमुख बाजारों में भी चांदी इसी दर के आसपास कारोबार कर रही है। चांदी में आने वाले समय में औद्योगिक मांग के कारण अधिक उतार-चढ़ाव रहने की संभावना है।
विशेषज्ञों की राय: क्या कीमतों में आएगी गिरावट या जारी रहेगी तेजी?
बाजार एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता है, तो सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग और बढ़ेगी। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास की हलचल वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, यदि अमेरिकी डॉलर का दबदबा बना रहा और भू-राजनीतिक तनाव में कमी आई, तो कीमतों में कुछ गिरावट भी देखी जा सकती है। फिलहाल निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे वैश्विक घटनाक्रमों पर पैनी नजर रखें क्योंकि आने वाला समय सोने के लिए निर्णायक साबित होगा।
