Uttar Pradesh News: गाजीपुर में एक नाबालिग किशोरी की संदिग्ध मौत के मामले ने यूपी की राजनीति में बड़ा तूफान ला दिया है। पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। लेकिन इसी दौरान उनकी जुबान फिसल गई। अखिलेश को सेलेक्टिव राजनीति का आइना दिखाने के चक्कर में राजभर ने अपनी ही भाजपा सरकार के कार्यकाल में हो रही आपराधिक वारदातों की पूरी फेहरिस्त मीडिया के सामने रख दी।
अखिलेश पर निशाना साधने में ऐसे कर बैठे अपनी ही सरकार की किरकिरी
राजभर ने कहा कि सपा प्रमुख केवल गाजीपुर जैसे मामलों में सक्रिय होते हैं जहां राजनीतिक लाभ मिल सकता है। फिर उन्होंने प्रदेश की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि बाराबंकी में एक राजभर युवक की दिनदहाड़े हत्या हुई। देवरिया में राजकुमार चौहान को गोली मारी गई। कौशांबी में पाल समाज की बेटी से दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई। राजभर का सवाल था कि अखिलेश यादव इन जगहों पर क्यों नहीं गए।
विपक्ष पर हमला करते हुए बयां कर गए सरकार की कमजोर कानून-व्यवस्था
राजनीतिक हलके में राजभर के इस बयान को बड़ी चूक के रूप में देखा जा रहा है। अखिलेश की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए उन्होंने अनजाने में स्वीकार कर लिया कि वर्तमान भाजपा शासन में हत्या और दुष्कर्म की गंभीर घटनाएं रुक नहीं रही हैं। उनके अपने मुंह से निकली यह बात सरकार के कानून-व्यवस्था के दावों पर पानी फेरने वाली साबित हुई। अब विपक्ष इसे मुद्दा बनाने की तैयारी में है।
गाजीपुर हिंसा के लिए सपा को ठहराया सीधे तौर पर जिम्मेदार
राजभर ने कटारिया गांव में हुए बवाल और पथराव के लिए समाजवादी पार्टी को कटघरे में खड़ा किया। उनका कहना था कि प्रशासन ने सपा प्रतिनिधिमंडल को केवल 15 लोगों के साथ जाने की अनुमति दी थी। लेकिन मौके पर 250 से ज्यादा लोग इकट्ठा हो गए और अराजकता फैला दी। मंत्री ने कहा कि एक मासूम बेटी की मौत को राजनीति का हथियार बनाना बेहद निंदनीय और शर्मनाक कृत्य है।
सीसीटीवी फुटेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के हवाले से किया बड़ा दावा
ओम प्रकाश राजभर ने घटना की जांच पर पूरा भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पूरी तरह स्पष्ट करती है कि पीड़िता ने गंगा में छलांग लगाकर खुदकुशी की है। उन्होंने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि वह खाता न बही, जो कहें वही सही वाली नीति पर अड़े हैं। राजभर ने सपा प्रमुख को सलाह दी कि वह लखनऊ में बैठकर भ्रम फैलाना बंद करें।
मुजफ्फरनगर और सैफई महोत्सव का किस्सा सुनाकर सपा पर बोला हमला
राजभर ने विपक्ष को उनके शासनकाल की याद दिलाते हुए कहा कि अखिलेश के कार्यकाल में 1000 से अधिक सांप्रदायिक दंगे भड़के। उन्होंने कहा कि जब मुजफ्फरनगर की धरती जल रही थी तब तत्कालीन मुख्यमंत्री सैफई महोत्सव में मस्त थे। राजभर ने नसीहत दी कि पीड़ित परिवार ने भी राजनीति न करने की अपील की है। गाजीपुर के लोग अमन और शांति चाहते हैं, टकराव नहीं।
योगी सरकार की मदद का दिया हवाला, विपक्ष को बताया टकराव का शौकीन
मंत्री राजभर ने बताया कि योगी सरकार ने पीड़ित परिवार को हर संभव सहारा दिया है। परिजनों को 5 लाख रुपये की आर्थिक अनुदान राशि, जमीन और पक्का आवास देने की जिम्मेदारी निभाई गई है। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ मामले पर नजर रखे हुए है। वहीं दूसरी ओर अखिलेश यादव 29 अप्रैल को गाजीपुर जाकर पीड़ित परिवार से मिलने की घोषणा कर चुके हैं जिससे सियासी गरमाहट लगातार बढ़ रही है।
