LPG Price Alert: क्या 1 मई से बदल जाएंगे रसोई गैस के दाम? ईरान युद्ध के बीच सरकार ने दिया बड़ा बयान

India News: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते वैश्विक तनाव के बावजूद भारत में एलपीजी और ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में गैस या तेल की कोई कमी नहीं है, इसलिए आम जनता को घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि, सरकार ने घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता देने के लिए फिलहाल नए गैस कनेक्शन जारी करने पर अस्थायी रोक लगा दी है। 1 मई से गैस की कीमतों में संभावित बदलाव को लेकर बाजार में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

आपूर्ति पर सुजाता शर्मा का आधिकारिक आश्वासन

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने देशवासियों को भरोसा दिलाया है कि ईंधन की आपूर्ति सामान्य है। उन्होंने कहा कि वितरकों के पास स्टॉक की कोई कमी नहीं है और घरेलू उत्पादन को भी निरंतर बढ़ाया जा रहा है। सरकार वर्तमान में 15 विभिन्न देशों से कच्चा तेल और गैस खरीद रही है ताकि वैश्विक संकट का असर भारत पर न पड़े। मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।

महानगरों में आज के ताजा भाव और सब्सिडी की स्थिति

आज दिल्ली में घरेलू रसोई गैस सिलेंडर 913 रुपये में मिल रहा है, जबकि पटना में इसकी कीमत 1002.5 रुपये तक है। श्रीनगर में यह सबसे महंगा 1029 रुपये प्रति सिलेंडर बिक रहा है। कमर्शियल सिलेंडर की बात करें तो दिल्ली में यह 2078.5 रुपये और कोलकाता में 2208.5 रुपये का है। हालांकि सरकार ने अभी तक कीमतों में कटौती का कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया है, लेकिन 1 मई को होने वाली मासिक समीक्षा पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

युद्ध के कारण कमर्शियल सप्लाई पर लगा था ब्रेक

ईरान युद्ध की शुरुआत के बाद देश में कमर्शियल गैस की सप्लाई काफी प्रभावित हुई थी। केंद्र सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति पर कुछ पाबंदियां लगा दी थीं। इससे कई व्यवसायों को शुरुआत में नुकसान उठाना पड़ा, लेकिन अब स्थिति सुधर रही है। वर्तमान में सरकार व्यावसायिक गैस की 70 प्रतिशत मांग को पूरा कर रही है। इसके साथ ही वैकल्पिक ऊर्जा के रूप में पीएनजी (PNG) कनेक्शनों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

मार्च 2026 में हुई थी आखिरी बड़ी बढ़ोतरी

घरेलू एलपीजी की कीमतों में अंतिम बार 7 मार्च, 2026 को बड़ा बदलाव किया गया था। यह बढ़ोतरी लगभग तीन साल के लंबे अंतराल के बाद हुई थी, जिसने आम आदमी की जेब पर सीधा असर डाला था। 28 फरवरी से शुरू हुए वैश्विक तनाव के बाद से कमर्शियल गैस की दरों में दो बार इजाफा हो चुका है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें स्थिर रहती हैं, तो आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिल सकती है।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
/ month
placeholder text

Hot this week

Topics

Related Articles

Popular Categories