Himachal News: हिमाचल के शिमला जिले में एक बड़ा दर्दनाक हादसा हुआ है। रोहड़ू के कुलगांव में देवता शालू महाराज के मंदिर का प्राण-प्रतिष्ठा समारोह चल रहा था। इसी दौरान भारी भीड़ के बीच किसी ने हर्ष फायरिंग कर दी। यह गोली सीधे 26 साल की एक महिला को जा लगी। गोली लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। चिड़गांव थाना पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
दो मासूम बच्चों के सिर से उठा मां का साया
इस दुखद घटना में जान गंवाने वाली मृतका की पहचान रितिका बेतिया के रूप में हुई है। रितिका चिड़गांव के बकोरा की रहने वाली थी। वह सिर्फ 26 वर्ष की थी और उसके दो छोटे बच्चे हैं। इस अचानक हुई घटना से उन दोनों मासूम बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया है। घटना बीती रात की है जब हजारों लोग मंदिर में मौजूद थे। पुलिस महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए रोहड़ू अस्पताल ले गई है।
आरोपी की तलाश जारी, हथियारों का था जमावड़ा
पुलिस और प्रशासन के अधिकारी आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले पर अभी खुलकर बोलने से बच रहे हैं। पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना है कि गोली किसने चलाई। समारोह में कई लोग अपने साथ हथियार लेकर पहुंचे थे। स्थानीय परंपरा के अनुसार देवलू बंदूकों के अलावा तलवार, डांगुरू और खुखरी जैसे हथियारों के साथ नृत्य करते हैं। इसलिए पुलिस को असली आरोपी की सही पहचान करने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
पांच करोड़ की लागत से बना है भव्य मंदिर
कुलगांव में देवता शालू महाराज का यह नया मंदिर अपनी वास्तुकला के लिए मशहूर है। रविवार को यहां संघेड़ा रस्म के साथ तीन दिवसीय भव्य धार्मिक आयोजन शुरू हुआ था। इस भव्य मंदिर को पूरी तरह से काष्ठकुणी शैली में बनाया गया है। इसके निर्माण कार्य को पूरा होने में करीब 14 साल का लंबा वक्त लगा है। एक अनुमान के मुताबिक, इस मंदिर के निर्माण पर लगभग पांच करोड़ रुपये की भारी धनराशि खर्च हुई है।
