Delhi News: देश की राजधानी के जगतपुर इलाके में पिछले दो महीनों से स्थानीय लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। नाले की सफाई न होने और पानी की निकासी रुकने के कारण मुख्य सड़क अब तालाब का रूप ले चुकी है। इस समस्या से मिलन विहार, जगतपुर गांव और वजीराबाद एक्सटेंशन जैसे आधा दर्जन रिहायशी क्षेत्रों के करीब 10 हजार से अधिक लोग प्रभावित हैं। जलजमाव के कारण इलाके में संक्रामक बीमारियों और हादसों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों के लिए बढ़ा खतरा
जगतपुर मेन रोड के लगभग 300 मीटर हिस्से में छह इंच तक गंदा पानी भरा हुआ है। सड़क पर अनगिनत गड्ढों के कारण रोजाना गुजरने वाले तीन हजार से अधिक स्कूली बच्चों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष विनोद कुमार का कहना है कि जलभराव की वजह से आए दिन बुजुर्ग और बच्चे गिरकर चोटिल हो रहे हैं। राधा कृष्ण मंदिर के पास स्थिति इतनी खराब है कि लोग ईंट-पत्थर रखकर बनाए गए अस्थायी रास्तों से गुजरने को मजबूर हैं।
ठप हुआ व्यापार और पलायन की ओर बढ़ते दुकानदार
सड़क की जर्जर हालत और बदबूदार पानी ने स्थानीय व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। ढाबा संचालक रतनेश ने बताया कि जलभराव के कारण ग्राहकों ने आना बंद कर दिया है, जिससे उन्हें अपना काम बंद करना पड़ा। आलम यह है कि इलाके की कई प्रमुख दुकानों पर अब ताले लटक चुके हैं। व्यापारियों का कहना है कि जब तक सड़क से पानी नहीं निकलेगा, उनका कामकाज फिर से शुरू होना नामुमकिन है। प्रशासन की अनदेखी से स्थानीय अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
जाम पड़ा नाला और प्रशासन की लापरवाही आई सामने
इलाके के निवासी विनय के अनुसार, मुख्य नाला पूरी तरह जाम होने की वजह से छोटे नालों का पानी ओवरफ्लो होकर सड़क पर आ रहा है। सफाई के दौरान नाले से निकाली गई गाद को सड़क पर ही छोड़ दिया गया, जो दोबारा बहकर नाले में जा रही है। लंबे समय से जमा गंदे पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। 50 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों का कहना है कि अब उन्हें अपनी ही गली की सड़क पर साइकिल से चलने में भी डर लगता है।
इन प्रमुख क्षेत्रों में जनजीवन हुआ पूरी तरह अस्त-व्यस्त
प्रशासनिक उदासीनता का शिकार हो रहे इन क्षेत्रों में मुख्य रूप से मिलन विहार, जगतपुर एक्सटेंशन, जगतपुर गांव, वजीराबाद एक्सटेंशन और संगम विहार शामिल हैं। इन इलाकों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क की बदहाली ने पूरे क्षेत्र के संपर्क मार्ग को प्रभावित किया है। स्थानीय लोगों की मांग है कि बड़े नाले की तत्काल सफाई और सड़क की मरम्मत कराई जाए ताकि उन्हें इस ‘टॉर्चर’ से मुक्ति मिल सके। फिलहाल, हजारों लोग हर दिन जोखिम उठाकर इस गंदे पानी के बीच से गुजर रहे हैं।
