Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में यातायात और कनेक्टिविटी की सूरत बदलने के लिए प्रशासन ने ऐतिहासिक फैसला लिया है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने दिल्ली के गोकुलपुरी से मोहननगर और वैशाली तक प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर समेत तीन नए रूटों की डीपीआर तैयार करने के लिए अपनी अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) दे दी है। करीब 4500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले ये प्रोजेक्ट न केवल दिल्ली-गाजियाबाद की दूरी घटाएंगे, बल्कि हिंडन एयरपोर्ट तक यात्रियों की पहुंच को भी सुलभ बनाएंगे।
गोकुलपुरी से मोहननगर रूट: हिंडन एयरपोर्ट के लिए बनेगा वरदान
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) की योजना के अनुसार, गोकुलपुरी-वैशाली-मोहननगर कॉरिडोर सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लगभग 16 किलोमीटर लंबे इस रूट पर गगन विहार, पसौंडा और हिंडन एयरपोर्ट जैसे प्रमुख स्टेशन होंगे। वर्तमान में हिंडन एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए सार्वजनिक परिवहन के साधनों की भारी कमी है। इस मेट्रो विस्तार के बाद दिल्ली के दूर-दराज इलाकों से आने वाले यात्री सीधे मेट्रो लेकर फ्लाइट पकड़ने पहुंच सकेंगे, जिससे उनका कीमती समय और पैसा दोनों बचेगा।
मोहननगर बनेगा बड़ा इंटरचेंज: यात्रियों को मिलेगी कई रूट की सुविधा
प्राइमरी डीपीआर के मुताबिक, मोहननगर स्टेशन इस पूरे नेटवर्क का मुख्य केंद्र या इंटरचेंज पॉइंट बनेगा। यहाँ से यात्री रेड लाइन मेट्रो के साथ-साथ अन्य कॉरिडोर के लिए भी ट्रेनें बदल सकेंगे। इस रूट के शुरू होने से साहिबाबाद, वैशाली और मोहननगर जैसे व्यस्त इलाकों में ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो जाएगा। हालांकि, 4500 करोड़ रुपये का भारी-भरकम फंड जुटाना जीडीए के लिए एक बड़ी चुनौती है, जिसके लिए केंद्र और राज्य सरकार से वित्तीय मदद की उम्मीद की जा रही है।
नमो भारत और मेट्रो का संगम: साहिबाबाद में जुड़ेगी दो बड़ी लाइफलाइन
गाजियाबाद में कनेक्टिविटी का दूसरा बड़ा धमाका नोएडा सेक्टर-62 से साहिबाबाद नमो भारत स्टेशन के बीच होगा। लगभग 5.1 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में वैभव खंड, शक्ति खंड और वसुंधरा जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में पांच स्टेशन प्रस्तावित हैं। साहिबाबाद स्टेशन पर मेट्रो और नमो भारत (RRTS) का एकीकरण होने से यात्री मेरठ और दिल्ली के बीच बेहद कम समय में सफर कर सकेंगे। इससे इंदिरापुरम और वसुंधरा के निवासियों को नोएडा और मेरठ जाने के लिए बेहतरीन विकल्प मिलेगा।
पुराना रेलवे स्टेशन और नया बस अड्डा मेट्रो से होंगे लिंक
तीसरे कॉरिडोर के तहत शहीद स्थल (नया बस अड्डा) मेट्रो स्टेशन को पुराने गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से जोड़ने की योजना है। यह 3 किलोमीटर का विस्तार शहर के पुराने हिस्से को दिल्ली की लाइफलाइन से सीधे कनेक्ट कर देगा। फिलहाल रेलवे स्टेशन से मेट्रो स्टेशन तक जाने के लिए यात्रियों को जाम से जूझते हुए ऑटो या रिक्शा लेना पड़ता है। इस लिंक के तैयार होने के बाद ट्रेनों से आने वाले यात्री सीधे मेट्रो का लाभ उठा सकेंगे, जिससे शहर के भीतर लगने वाले जाम से भी मुक्ति मिलेगी।
यूपी का पहला शहर बनेगा गाजियाबाद: मेट्रो, रेलवे और नमो भारत का त्रिकोण
जीडीए अधिकारियों का मानना है कि एनओसी मिलने के बाद अब इन तीनों परियोजनाओं के काम में तेजी आएगी। डीएमआरसी जल्द ही स्टेशनों के सटीक स्थान और तकनीकी पहलुओं की अंतिम रिपोर्ट सौंपेगी। यदि ये तीनों कॉरिडोर समय पर पूरे होते हैं, तो गाजियाबाद उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा शहर बन जाएगा, जहाँ मेट्रो, नमो भारत और भारतीय रेलवे का एक सुव्यवस्थित और एकीकृत नेटवर्क मौजूद होगा। यह विकास गाजियाबाद को निवेश और शहरी बुनियादी ढांचे के मामले में नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
